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अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भारत, अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर दिया जोर

तारा जोसेफ की अगुवाई में भारत की तीन दिन की यात्रा पर आये प्रतिनिधिमंडल में राल्फ लारेन एशिया पैसेफिक, पीवीएच फार ईस्ट, कार्टर ग्लोबल सोर्सिंग लि. और वीएफ एशिया सोर्सिंग शामिल हैं।

नई दिल्ली | Updated: September 4, 2019 7:29 PM
हांगकांग स्थित अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स ने भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर दिया जोर

हांगकांग स्थित अमेरिकन चैंबर ऑफ कामर्स ने भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर जोर दिया है। उद्योग मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के विभिन्न ब्रांड के प्रतिनिधित्व के साथ निवेश अवसर की तलाश में फिलहाल भारत की यात्रा पर है। हांगकांग स्थित अमेरिकन चैंबर आफ कामर्स (एएमसीएचएएम) की अध्यक्ष तारा जोसेफ ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश अवसर बढ़ाने के लिहाज से दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता पासा पलटने वाला साबित होगा।

तारा जोसेफ की अगुवाई में भारत की तीन दिन की यात्रा पर आये प्रतिनिधिमंडल में राल्फ लारेन एशिया पैसेफिक, पीवीएच फार ईस्ट, कार्टर ग्लोबल सोर्सिंग लि. और वीएफ एशिया सोर्सिंग शामिल हैं। पीवीएच फार ईस्ट के ब्रांड में कैलविन क्लेन, टॉमी हिलफाइजर, वैन ह्यूजेन, एरो और आईजोड शामिल हैं। वहीं कार्टनर इंक बच्चों के कपड़ों का अमेरिका में बड़ा ब्रांड है।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, कपड़ा सचिव रवि कपूर और नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत से मंगलवार को मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल की भारत में कपड़ा और परिधान क्षेत्र में खरीद बढ़ाने को लेकर करोड़ों डॉलर के निवेश पर नजर है।  जोसेफ ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘एक चीज साफ है कि अमेरिकी ब्रांड भारत आने की सोच रहे हैं, यह केवल कुछ लाख डॉलर के निवेश के लिये नहीं है।

अगर बड़े ब्रांड आते हैं, वे 10 करोड़ डॉलर से अधिक निवेश करेंगे और यह लंबे समय के लिये होगा।’’ वस्तुओं के व्यापार के मामले में अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा भागीदार है। वर्ष 2008 में दोनों देशों के बीच वस्तु और सेवा व्यापार 68.4 अरब डॉलर का था जो 2018 में बढ़कर 142.1 अरब डॉलर हो गया।

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