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दुनिया के सबसे अमीर शख्‍स को भारत में मुकेश अंबानी से मिली हार, जानिए कैसे

कारोबारी अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी रिटेल चेन मार्केट के भारत का तीसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम नेटवर्क भी है।

भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी। (फाइनेंशियल एक्सप्रेस फोटो)

Amazon.com और Walmart Inc. की भारत के ऑनलाइन रिटेल मार्केट पर हावी होने की योजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक प्राथमिकताओं के कारण बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने स्थानीय खुदरा व्यापारियों की नाराजगी के चलते एफडीआई कानून लागू कर दिया है। सरकार द्वारा नए कानून के लागू होने के चलते वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनी मुश्किल में आती दिख रही है। अमेजन के सीईओ दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी जेफ बेजोस हैं, उनकी अनुमानित संपत्ति 2019 के शुरुआत में 130.5 अरब डॉलर आंकी गई। हालांकि सरकार की नीतियों के चलते अमेरिकी कारोबारी बेजोस को ऑनलाइन बाजार में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। खबर यह भी है कि एफडीआई कानून लागू होने के चलते वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट से किनारा भी कर सकती है। भारतीय बाजार में ये दोनों कंपनियां ऑनलाइन मार्किटिंग का करीब 70 फीसदी हिस्से पर नियंत्रण रखती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अब छोटे व्यापारियों की रक्षा करने के उद्देश्य से सख्त किए गए नए नियम देश के सबसे अमीर आदमी कारोबारी मुकेश अंबानी को लाभ पहुंचा सकते हैं, जो घरेलू स्तर पर एक बड़े प्रतियोगी के रूप में उभर रहे हैं।

दरअसल केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हाल के दिनों में तीन प्रमुख राज्यों में हार का सामना करना पड़ा जबकि एक साल पहले गुजरात चुनाव में कांग्रेस से उसे कांटे की टक्कर मिली। गुजरात प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी गृहनगर है, यहां पीएम बनने से पहले मोदी गुजरात के ही मुख्यमंत्री थे। रिपोर्ट में कहा गया कि छोटे व्यापारी भाजपा के परंपरागत मतदाता हैं, हालांकि साल 2016 में सरकार की अचानक नोटबंदी की वजह से कारोबार कमी के चलते भाजपा को इस वर्ग की नाराजगी का सामना करना पड़ा। हालांकि अब सरकार के नए नियम से अब अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों पर लगाम लगेगी और बताया जाता है कि नए नियमों की वजह से घरेलू कारोबारी मुकेश अंबानी के नए वेंचर को खासा लाभ मिलेगा। कारोबारी अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी रिटेल चेन मार्केट के अलावा भारत का तीसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम नेटवर्क भी है। कंसल्टेंसी ग्रेहाउंड रिसर्च के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संचित वीर गोरिया ने कहा कि ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए भारत के कड़े नियम रिलायंस के लिए बड़ी जीत हैं।

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