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कोरोना काल में Amazon की चांदी, यहां मुकेश अंबानी के रिलायंस की बढ़ाई है टेंशन

रिटेल मार्केट में रिलायंस की 24 हजार करोड़ से ज्यादा की डील पर अमेजन ने अड़ंगा लगाया है। दरअसल, रिटेल मार्केट में विस्तार के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच भी समझौता हुआ है।

Amazon Pay, amazon reliance,अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस हैं तो वहीं रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी हैं (Photo-Indian Express )

अमेरिका की ई कॉमर्स कंपनी अमेजन ने कोरोना काल में अमेजन-पे के जरिये 50 लाख कारोबारियों का रजिस्ट्रेशन किया है। आपको बता दें कि रिटेल मार्केट में रिलायंस की 24 हजार करोड़ से ज्यादा की डील पर अमेजन ने अड़ंगा लगाया है।

दरअसल, रिटेल मार्केट में विस्तार के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के बीच भी समझौता हुआ है। इसके तहत रिलायंस ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार का अधिग्रहण करने का ऐलान किया था लेकिन अमेजन की आपत्ति की वजह से ये डील कानूनी पचड़े में फंसी हुई है।

अमेजन-पे का विस्तार : अमेजन ने कहा कि वह भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिये छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमबी) की मदद पर उसका ध्यान दे रही है। अमेजन-पे कंपनी की भुगतान प्रणाली कंपनी है। कंपनी ने कहा है कि इन रजिस्टर्ड व्यवसायियों में से बहुत से पहले केवल नकद भुगतान ही स्वीकार किया करते थे लेकिन अब वे अमेजन- पे के क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते हुए ग्राहकों से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं।

आपको बता दें कि देश में अमेजन-पे को इस्तेमाल करने वाले 50 लाख छोटे और मझौले व्यवसायियों में से 25 लाख से अधिक खुदरा और किराना स्टोर जेसी दुकानों को चलाते हैं। करीब 10 लाख खाने- पीने के छोटे रेस्त्रां और स्टॉल चलाते हैं। पांच लाख से अधिक सैलून सेवायें, चार लाख के करीब स्वास्थ्य और चिकित्सा देखभाल सेवायें उपलब्ध कराते हैं। शेष कुछ टैक्सी चालक, आटो चालक, प्लंबर और अन्य प्रकार की सेवायें देते हैं।

रिलायंस की डील पर अमेजन को क्या आपत्ति: बीते साल फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस रिटेल के बीच 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की एक डील हुई थी। इसके तहत फ्यूचर ग्रुप के रिटेल और लॉजिस्टिक कारोबार का रिलायंस को अधिग्रहण करना है। (ये पढ़ें-अडानी संभाल रहे हैं अंबानी का कारोबार)

इस पर अमेजन का कहना है कि उसने 2019 में फ्यूचर समूह की फ्यूचर कूपंस लिमिटेड की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का एक करार किया था। फ्यूचर कूपंस के पास फ्यूचर समूह की बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर रिटेल की 7.3 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी को आधार बनाकर अमेजन ने रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील का विरोध किया है। बता दें कि अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस दुनिया के सबसे दौलतमंद शख्स हैं जबकि रिलायंस के मुकेश अंबानी दुनिया के 12वें अमीर कारोबारी हैं।

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