निजी हाथों में जाएंगे देश के 23 रेलवे स्‍टेशन, ₹200 करोड़ में कानपुर सेंट्रल तो 150 करोड़ में ले सकते हैं इलाहाबाद - Allahabad Railway Junction auctioned for Rs 150 crore Kanpur Railway Junction auctioned for Rs 200 crore - Jansatta
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निजी हाथों में जाएंगे देश के 23 रेलवे स्‍टेशन, ₹200 करोड़ में कानपुर सेंट्रल तो 150 करोड़ में ले सकते हैं इलाहाबाद

केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इकॉनोमिक टाइम्स को जानकारी देते हुए बताया कि हमारी योजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत देश के 25 रेलवे स्टेशनों को दोबारा विकसित करना है।

गौरतलब है कि बजट के दौरान रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने रेल बजट भाषण में घोषणा की थी कि रेलवे यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा बीमा कवर की सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह नई सुविधा सभी यात्रियों को उपलब्ध होगी। उपनगरीय ट्रेनों पर यह सुविधा नहीं मिलेगी। किसी भी श्रेणी में यह सुविधा उपलब्ध होगी। इसकी शुरूआत परीक्षण के आधार पर की जाएगी।

केंद्र सरकार देश के सबसे मशहूर रेलवे स्टेशनों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत इन्हें निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने की योजना बना रही है। इस योजना में इन स्टेशन को दोबारा विकसित करने की भी योजना है। पत्रिका डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए 28 जून को ऑनलाइन नीलामी का आयोजन किया जाएगा। नीलामी में उत्तर प्रदेश का कानपुर जंक्शन और इलाहबाद जंक्शन शामिल हैं जबकि राजस्थान का उदयपुर रेलवे स्टेशन भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार नीलामी में भाग लेने वाली कंपनियों को रेलवे स्टेशन की वेबसाइट पर जाना होगा। नीलामी के लिए कानपुर जंक्शन की शुरुआती कीमत 200 करोड़ रुपए जबकि इलाहबाद जंक्शन के लिए 150 करोड़ रुपए रखी गई है। ये जानकारी वेबसाइट के हवाले से है। वहीं नीलामी के परिणाम का ऐलान 30 जून को किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने देश के कुल 23 रेलवे स्टेशनों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है।

हालांकि इससे पहले इकॉनोमिक टाइम्स के हवाले से खबर आई थी कि केंद्र सरकार देश के कुल 25 बड़े रेलवे स्टेशनों को दोबारा विकसित करना चाहती है। जिनमें बैंगलोर, मुंबई का लोकमान्य तिलक (टर्मिनल), पुणे, थाने, विशाखापत्तनम, हावड़ा, इलाहबाद, फरीदाबाद, जम्मू तावी, बैंगलोर छावनी, भोपाल, मुंबई सेंट्रल (प्रमुख), बोरिवली और इंदौर के रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इकॉनोमिक टाइम्स को जानकारी देते हुए बताया कि हमारी योजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत देश के 25 रेलवे स्टेशनों को दोबारा विकसित करना है। उन्होंने कहा कि 3000 करोड़ के न्यूनतम निवेश में इन रेलवे स्टेशनों को विकसित करना है। वहीं इन स्टेशनों का विकास अंतर्राष्ट्रीय मानकों को अनुरूप किया जाएगा। जहां होटल, मॉल और लजीज व्यंजनों स्टॉल के साथ मनोरंजन के साधन भी विकसित किए जाएंगे। इसमें सबसे अहम बात ये है कि ये सारा काम निजी कंपनियों द्वारा किया जाएगा। इसके लिए देश के मशहूर स्टेशन को 45 साल के लिए निजी कंपनियों के हवाले किया जाएगा।

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