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गुजरात: पाटीदार आंदोलन के वक्त नेट ना देने पर कोर्ट ने एयरटेल को सुनाया आदेश- ग्राहक को वापस करें 44 रुपए

उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने भारती एयरटेल को एक उपभोक्ता को 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान इंटरनेट सेवा बाधित होने की वजह से हुए डाटा नुकसान के लिए 44.50 रुपये की राशि लौटाने का आदेश दिया है।
Author अहमदाबाद | August 6, 2017 23:26 pm
टेलीकॉम कंपनी एयरटेल (File Pic)

अहमदाबाद ग्रामीण के एक उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल को एक उपभोक्ता को 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान इंटरनेट सेवा बाधित होने की वजह से हुए डाटा नुकसान के लिए 44.50 रुपये की राशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने 25 जुलाई के अपने आदेश में कंपनी से अंजना ब्रह्मभट्ट को 26 अगस्त, 2015 से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ 44.50 रुपये अदा करने को कहा। पाटीदार आंदोलन के ंिहसक होने की वजह से 27 अगस्त से चार सितंबर 2015 के बीच मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रोक दी गयी थीं। 10 दिन तक इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण अंजना ने कंपनी से वेलिडिटी बढ़ाने या पैसे वापस करने का अनुरोध किया जिसे कंपनी ने ठुकरा दिया। कंपनी ने जब पैसे लौटाने से इनकार कर दिया तो अंजना ने आयोग का दरवाजा खटखटाया।

अंजना के वकील मुकेश पारीख ने बताया कि अंजना ने 5 अगस्त 2015 को 178 रुपये में 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ 2GB का डेटा पैक खरीदा था। हालांकि, आंदोलन की वजह से शहर में 26 अगस्त से 4 सितंबर 2015 तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। उन्होंने कहा, ‘अंजना ने एयरटेल से आठ दिन के लिए सर्विस बढ़ाने या 44.50 रुपये वापस करने का अनुरोध किया। लेकिन, कंपनी इसके लिए राजी नहीं हुई।’ वहीं कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नेट सेवा बंद करना सरकार का आदेश था इसमें उसकी कोई गलती नहीं है वो तो सरकार के आदेश को मान रही थी। इसके अलावा अंजना ने मानसिक प्रताड़ना के लिए 10 हजार और कानूनी खर्चे को लिए 5 हजार रुपए देने का भी दावा किया। कोर्ट ने इस केस पर फैसला सुनाते हुए कहा कि इंटरनेट सर्विस सार्वजनिक कारण से रोकी गई थी। यह कंपनी के नियंत्रण में नहीं थी। इसलिए, मानसिक प्रताड़ना और कानूनी खर्च का भुगतान नहीं दिया जा सकता। हालांकि, उसने कंपनी को 44.50 रुपये पर 12% ब्याज के साथ 55.18 रुपये देने का आदेश दे दिया।

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