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5G Service: एयरटेल इस माह पेश करेगा 5G सर्विस, 2024 तक देश के सभी शहरों को मिलेगा लाभ

टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल इस महीने 5G सेवाएं शुरू करने के लिए तैयार है और मार्च 2024 तक देश के सभी कस्बों और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों को 5G सेवाओं का लाभ देगी।

5G Service: एयरटेल इस माह पेश करेगा 5G सर्विस, 2024 तक देश के सभी शहरों को मिलेगा लाभ
5जी इस माह से शुरू करने के तैयारी में एयरटेल (फोटो- Express Archive)

टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल इस महीने 5G सेवाएं शुरू करने के लिए तैयार है और मार्च 2024 तक देश के सभी कस्बों और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों को 5G सेवाओं का लाभ देगी। मंगलवार को भारती एयरटेल के प्रबंध निदेशक और CEO गोपाल विट्टल ने यह भी कहा कि भारत में मोबाइल सेवाओं की कीमत बहुत कम है और इसे बढ़ाने की जरूरत है।

उन्‍होंने कहा कि अगस्त से 5G लॉन्च करने का इरादा रखते हैं और बहुत जल्द पूरे भारत में इसका विस्तार करना चाहते हैं। मार्च 2024 तक हमें विश्वास है कि हम 5G के साथ हर शहर और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करने में सक्षम होंगे। विट्टल ने कंपनी के अर्निंग कॉल के दौरान कहा कि वास्तव में, भारत में 5,000 शहरों के लिए विस्तृत नेटवर्क रोलआउट योजनाएं पूरी तरह से लागू हैं।

गौरतलब है कि भारती एयरटेल ने हाल ही में संपन्न स्पेक्ट्रम नीलामी में 3.5 गीगाहर्ट्ज़ और 26 गीगाहर्ट्ज़ बैंड के 19,867.8 मेगाहर्ट्ज आवृत्तियों का अधिग्रहण किया है और 43,040 करोड़ रुपए के निम्‍न और मध्य-बैंड स्पेक्ट्रम में रेडियो तरंगों की खरीद की है। विट्टल ने कहा कि कंपनी का पूंजीगत व्यय मौजूदा स्तरों के आसपास रहेगा और 700 मेगाहर्ट्ज़ बैंड में प्रीमियम स्पेक्ट्रम खरीदने की आवश्यकता को कम कर दिया, क्‍योंकि अन्य बैंड की तुलना में कवरेज के लिए मोबाइल टावरों की कम संख्या की आवश्यकता होती है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि हमारी प्रतिस्पर्धा में इतना बड़ा मिड-बैंड स्पेक्ट्रम नहीं है। अगर हमारे पास कीमती मिड-बैंड स्पेक्ट्रम का इतना बड़ा हिस्सा नहीं होता तो हमारे पास महंगा 700 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता। विट्टल ने कहा कि और एक बार जब हमने इसे खरीद लिया होता तो हमें इस बैंड पर बड़े बिजली वाले रेडियो लगाने पड़ते, जिनकी न केवल लागत अधिक होती, बल्कि इससे अधिक कार्बन उत्सर्जन भी होता।

उन्होंने कहा कि 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में नेटवर्क की तैनाती कंपनी के 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड की तुलना में कोई अतिरिक्त कवरेज नहीं देती है। विट्टल ने कहा कि गैर-स्टैंडअलोन (NSA) 5G नेटवर्क में स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क की तुलना में अधिक लाभ हैं क्योंकि व्यापक कवरेज और नेटवर्क तक पहुंचने के लिए अधिक डिवाइस उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया में जहां SA (स्टैंडअलोन) और NSA दोनों को लॉन्च किया गया है, SA पर ट्रैफिक कुल 5G ट्रैफिक के 10 फीसदी से भी कम है। बता दें कि देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी Jio ने शीर्ष 1,000 शहरों में 5G कवरेज योजना को पूरा करने का दावा किया है और अपने घरेलू 5G टेलीकॉम गियर का फील्ड परीक्षण किया है। यह एकमात्र खिलाड़ी है जिसने प्रीमियम 700 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदा है।

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