महंगे जेट ईंधन और कई देशों के हवाई क्षेत्र में लगी पाबंदियों का असर अब एअर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिखने लगा है। एयरलाइन ने जून से अगस्त के बीच कुछ चुनिंदा इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है।

एयरलाइन ने कहा कि वह हर महीने 1,200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करना जारी रखेगी। इनमें उत्तरी अमेरिका के लिए प्रति सप्ताह 33 उड़ानें, यूरोप के लिए प्रति सप्ताह 47 उड़ानें, यूके के लिए प्रति सप्ताह 57 उड़ानें, ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रति सप्ताह आठ उड़ानें, सुदूर पूर्व, दक्षिण पूर्व एशिया और सार्क क्षेत्रों के लिए प्रति सप्ताह 158 उड़ानें और मॉरीशस (अफ्रीका) के लिए प्रति सप्ताह सात उड़ानें शामिल हैं।

किन रूट्स पर कितनी उड़ानें जारी रहेंगी?

क्षेत्र/रूटप्रति सप्ताह उड़ानें
उत्तरी अमेरिका33
यूरोप47
ब्रिटेन57
ऑस्ट्रेलिया8
सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया एवं सार्क158
मॉरीशस (अफ्रीका)7

इन रूट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित करने की योजना

समाचार एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, एअर इंडिया दिल्ली -शिकागो, मुंबई -न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई और चेन्नई -सिंगापुर सहित दो अन्य मार्गों पर अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित करने की योजना बना रही है।

एअर इंडिया ने क्या कहा?

एअर इंडिया ने कहा कि कई वजहों के चलते कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आर्थिक व्यवहार्यता पर बड़ा असर पड़ा है। एयरलाइन के मुताबिक, कई क्षेत्रों में जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए रिकॉर्ड ऊंची जेट ईंधन कीमतें इसकी प्रमुख वजह हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी भारतीय एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने सरकार से विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमत तय करने के फॉर्मूले में बदलाव की मांग की है। पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में जेट ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है, जिससे एयरलाइनों की लागत लगातार बढ़ रही है।

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