Air India Flight Complaint: एयर इंडिया के बोइंग 787 विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच मॉड्यूल की कार्यक्षमता और मजबूती की जांच के लिए अमेरिका स्थित बोइंग संयंत्र में परीक्षण किया जाएगा। यह परीक्षण फरवरी में एक पायलट द्वारा रिपोर्ट की गई समस्या के बाद किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाने वाला यह निरीक्षण, इन विशिष्ट फ्यूल कंट्रोल स्विचों की निरंतर उड़ान योग्यता सुनिश्चित करने के लिए है।
इस मामले में एयर इंडिया ने कहा कि यह परीक्षण अत्यधिक सावधानी बरतते हुए पूरी तरह से मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पिछले साल जून में अहमदाबाद में एयर इंडिया के एक अन्य बोइंग 787 जेट (VT-ANB) के घातक दुर्घटना की जांच में ईंधन नियंत्रण स्विच मुख्य केंद्र रहे हैं।
अहमदबाद हादसे के बाद ज्यादा सतर्कता
अहमदाबाद एयर इंडिया हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि दुर्घटना तब हुई जब उड़ान भरने के कुछ ही क्षणों बाद दोनों इंजनों के ईंधन नियंत्रण स्विच एक ही सेकंड के भीतर ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में बदल गए और दोनों इंजनों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पाया।
हालांकि VT-ANB दुर्घटना की जांच से इसका सीधा संबंध नहीं है, लेकिन दूसरे बोइंग 787 (VT-ANX) के ईंधन नियंत्रण स्विच पैनल का परीक्षण ऐसे समय में किया जा रहा है जब दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट कुछ ही हफ्तों में आने की उम्मीद है।
क्या है ताजा मामला?
2 फरवरी को एयर इंडिया के एक पायलट ने एयरलाइन को बताया कि लंदन में इंजन स्टार्ट करते समय VT-ANX विमान के दो फ्यूल कंट्रोल स्विच में से एक को थोड़ा सा दबाने पर वह RUN से CUTOFF पोजीशन में चला जाता था और तीसरी कोशिश में ही ठीक से RUN पोजीशन में लॉक होता था। विमान ने लंदन- दिल्ली की उड़ान भरी, जिसके बाद पायलट ने इस समस्या को दर्ज कराया।
AIR इंडिया ने क्या कहा?
फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के इंजनों में ईंधन के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं और आकस्मिक रूप से बंद होने से बचाने के लिए इन्हें केवल एक विशेष पुल-एंड-लॉक मैकेनिज्म के माध्यम से ही चलना चाहिए। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “मॉड्यूल को मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) दोनों द्वारा पूरी तरह से कार्यशील होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी। अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए, घटक का पूरी तरह से और निर्णायक मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगे की समीक्षा और परीक्षण करने का निर्णय लिया गया है।
एयर इंडिया की तरफ से यह भी कहा गया कि इस अतिरिक्त चरण में नियंत्रित प्रयोगशाला वातावरण में इसकी जांच शामिल है ताकि इसके प्रदर्शन और अखंडता की निश्चित रूप से पुष्टि की जा सके। हम इस प्रक्रिया का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।
DGCA ने जारी किया बयान
वहीं इस मामले में डीजीसीए ने कहा, “निरीक्षण परिणामों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद, ओईएम ने निष्कर्ष निकाला कि फ्यूल कंट्रोल स्विच यांत्रिक रूप से डिज़ाइन के अनुसार कार्य कर रहा है और यूनिट को उपयोग योग्य माना। डीजीसीए इंडिया ने संबंधित फ्यूल कंट्रोल स्विच की निरंतर वायुयोग्यता सुनिश्चित करने के लिए, डीजीसीए अधिकारियों की उपस्थिति में ओईएम सुविधा में इसके निरीक्षण का निर्देश दिया है।”
फरवरी में वीटी-एएनएक्स घटना के संबंध में पायलट की रिपोर्ट के बाद टाटा समूह की एयरलाइन ने एहतियात के तौर पर अपने बोइंग 787 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विच लैच की व्यापक जांच शुरू की, लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। गौरतलब है कि घटना के एक दिन बाद, डीजीसीए ने कहा कि स्पष्ट रूप से पायलटों द्वारा स्विच को संचालित करने की सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
DGCA नियामक ने एयरलाइन को अपने चालक दल के सदस्यों को ईंधन स्विच के संचालन के लिए बोइंग द्वारा अनुशंसित प्रक्रिया प्रसारित करने की भी सलाह दी थी।
एअर इंडिया का बड़ा फैसला, अमेरिका-यूरोप समेत कई फ्लाइट्स घटाईं, कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
एअर इंडिया ने शिकागो, शंघाई, सिंगापुर, ढाका और माले जाने वाली उड़ानें रद्द कीं हैं। इसके साथ ही एयरलाइंस ने कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी उड़ानें कम की हैं। एअर इंडिया का कहना है कि जेट ईंधन की रिकॉर्ड-हाई कीमतों के कारण कई लंबी दूरी के मार्गों पर उड़ान भरना अब अधिक महंगा हो गया है। पढ़िए पूरी खबर…
