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‘कार्यकारी’ एमबीए से बढ़ेंगे नौकरी के मौके

अब जबकि सभी लोग कोरोना महामारी के बाद बनी नई स्थितियों से आगे देखना चाहते हैं, ऐसे समय में पूरी दुनिया में सामाजिक तानाबाना फिर से तैयार होने की स्थिति में दिख रहा है।

convocationसांकेतिक फोटो।

अब जबकि सभी लोग कोरोना महामारी के बाद बनी नई स्थितियों से आगे देखना चाहते हैं, ऐसे समय में पूरी दुनिया में सामाजिक तानाबाना फिर से तैयार होने की स्थिति में दिख रहा है। इस पूरे समय में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में शिक्षा प्रमुख है, क्योंकि इसके समक्ष कई तरह की चुनौतियां खड़ी हुई हैं, लेकिन साथ ही कुछ नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

वैश्विक महामारी के दौरान कामकाजी पेशेवरों को घर से काम करते हुए अपनी गति बनाए रखनी पड़ी और यही ‘नया सामान्य’ बन गया। जहां ज्यादातर पेशेवर इस नए सामान्य के आदी हो गए हैं। वहीं, इसके चलते अपने करिअर को आगे बढ़ाने के लिए कई आॅनलाइन पाठ्यक्रम चुनने के अवसर भी मिले हैं। कॉर्पोेरेट्स और एड-टेक कंपनियां अपग्रेड जैसे छोटी अवधि के पाठ्यक्रम ले कर आई हैं।

लेकिन अभी भी एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या संस्थान के अच्छे एमबीए एग्जीक्यूटिव (कार्यकारी) पाठ्यक्रम का कोई मुकाबला नहीं है, क्योंकि यह कामकाजी पेशेवरों के करिअर को आगे बढ़ाने के लिए सबसे सही विकल्प है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार पूरी दुनिया में इस दौरान 2.5 करोड़ नौकरियां गई हैं, ऐसे में खुद को और बेहतर बनाने की बहुत जरूरत है।

एक अच्छा एमबीए एग्जीक्यूटिव पाठ्यक्रम इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह व्यापार की बारीकियों को सिखने के साथ नेतृत्व क्षमता का भी प्रशिक्षण दे सके। इसके जरिए प्रतिभागी खुद के बारे में और खुद की प्रबंधकीय स्टाइल के बारे में जान सकें। जहां पूर्व में कई लोगों ने पूर्णकालिक एमबीए पाठ्यक्रम अपना कर अपनी दक्षता को बढ़ाने का प्रयास किया है।

वहीं, महामारी ने हमें इन सब सीमाओं से आगे कर दिया है। विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे पाठ्यक्रम काफी आए जो कामकाजी पेशेवरों की क्षमताओं के लिए बनाए गए हैं। महामारी के बाद अब उन कंपनियों के लिए कई अवसर खुल गए हैं, जो भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की रणनीति बनाने पर फोकस कर रहे हैं।

कार्यक्रम का ध्यान

महामारी के बाद कंपनियों को ऐसे पेशेवरों की जरूरत होगी जो काम को फिर से पटरी पर लाने की रणनीति बनाने में माहिर हों। समस्याओं को नए तरीके से सुलझाने, पहले से ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले समय में निर्णय क्षमता आदि के लिए ऐसे एमबीए एग्जीक्यूटिव पाठ्यक्रमों की जरूरत होगी जो नेतृत्व और रणनीति पर ध्यान करते हों। जो कंपनियां अपने पेशेवरों का करिअर आगे बढ़ाना चाहती हैं, उन्हें ‘लर्निंग बिजनेस स्कूल्स’ के साथ जुड़ना चाहिए और नेतृत्व व रणनीति पर ध्यान देने वाले एमबीए एग्जीक्यूटिव पाठ्यक्रम कराने वाली विश्वविद्यालय में उनका नामांकन कराना चाहिए।

प्रबंधकों को रणनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ना होता है। उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां और जटिलतएं होती हैं और कंपनी के कामकाजी अनुशासन को देखते हुए काम में एकरूपता लानी होती है और यह काम अक्सर बिना किसी अधिकारिक शक्ति के करना होता है।

एमबीए पेशेवरों के मामले में कंपनियां को बहु-विषयक सोच के साथ काम करती हैं। पेशेवर भूमिकाएं सफलतापूर्वक पूरी करने के लिए बाहरी वातावरण, अवधारणाओं आदि की अच्छी समझ जरूरी है। इसके अलावा संबंधित पेशेवर में अपनी व्यक्तिगत, रणनीतिक और अंत:व्यैक्तित्व प्रभावशीलता को बढ़ाने की योग्यता भी होनी चाहिए।

पेशेवर में यह योग्यता होनी चाहिए कि वह चेतावनियों को समझ सके और आने वाले समय के अधिक जटिल व उथल-पुथल भरे वातावरण के अनुसार कंपनी के संसाधनों को बेहतर ढंग से उपयोग कर प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके। पहले से काम कर रहे पेशेवर वास्तविकता में काम करते हुए ऐसी परिस्थितियों को सबसे ज्यादा व्यवस्थित व रणनीतिक रूप से संभाल पाते हैं।

योग्यता

एमबीए एग्जीक्यूटिव पाठ्यक्रम ऐसे कामकाजी पेशेवरों के लिए हैं जिनके पास पांच वर्ष का कायार्नुभव है। इस पाठ्यक्रम से शिक्षित नेतृत्व में सोच-समझ कर काम करने का कौशल आएगा। वे नैतिक रूप से ज्यादा बेहतर निर्णय कर सकेंगे। उन्हें आगे बढ़ाएंगे और उनकी सांस्कृतिक क्षमता बढेगी। ये सभी पहलू तेजी से बदलते वैश्विक वातावरण और नए सामान्य वातावरण के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं और जो कोरोना के बाद हमारे जीवन में शामिल हो जाएंगे।

सभी तरह की रूकावटों और बदलते व्यापारिक परिवेश में अब समय आ गया है कि पेशेवर की क्षमता को बढ़ाया जाए। ऐसे लोग जो नई वास्तविकताओं के अनुरूप खुद को ढाल सकेंगे, वही टिक पाएंगे और आगे बढ़ पाएंगे।
– पीआर सोडानी
(अध्यक्ष, आइआइएचएमआर विवि)

पाठ्यक्रम कराने वाले अग्रणी संस्थान

इंडियन स्कूल आॅफ बिजनेस
स्किलिक स्कूल आॅफ बिजनेस, हैदराबाद परिसर
जेवियर स्कूल आॅफ मैनेजमेंट (एक्सएलआरआइ)
आइआइएचएमआर विवि, जयपुर
एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा
मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एमडीआइ)

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