Adani Group Shares: अडानी ग्रुप के शेयर बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को शेयर बाजार में सुर्खियों में बने हुए हैं। कारोबार सत्र के दौरान समूह की कई कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। खासकर अडानी टोटल गैस और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में 13 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई। शेयरों में आई इस तेजी के पीछे कारण एक अपील है। दरअसल, गौतम अडानी ने अमेरिकी अदालत में अपने खिलाफ चल रहे धोखाधड़ी के मामले को खारिज करने की अपील की है।

धोखाधड़ी के मामले को खारिज करने की अपील

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, एक अमेरिकी जज ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की उस अर्जी को मंजूर कर लिया, जिसमें उन्होंने US Securities and Exchange Commission (SEC) के धोखाधड़ी के मामले को खारिज करने की सुनवाई तय करने की गुजारिश की थी।

किन शेयरों में आई तेजी

बीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आज कारोबार के दौरान अडानी टोटल गैस के शेयर 13.44 प्रतिशत, अडानी ग्रीन के शेयर 13.14 प्रतिशत, NDTV के शेयर 12.26 प्रतिशत और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयर 11 प्रतिशत तक की तेजी आई।

इसके अलावा, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर 9.99 प्रतिशत, अंबुजा सीमेंट्स के शेयर 9.99 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स के शेयर 8.91 प्रतिशत, ACC के शेयर 8.10 प्रतिशत और अडानी पावर के शेयर 6.64 प्रतिशत तक की तेजी आई।

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?

न्यूयॉर्क की Eastern District Court ने अपने आदेश में कहा, “अदालत को प्रतिवादियों (Defendants) का एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने शिकायत को खारिज करने के अपने संभावित प्रस्ताव पर ‘प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस’ (सुनवाई से पहले की बैठक) आयोजित करने का अनुरोध किया है। अदालत इस अनुरोध को मंज़ूर करती है और दोनों पक्षों को निर्देश देती है कि वे इस प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस का समय तय करें।”

अडानी के वकीलों ने अपनी याचिका में कहा कि कथित रिश्वतखोरी की इस साजिश का समर्थन करने वाला कोई भी विश्वसनीय सबूत मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि SEC के पास इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने का जरूरी अधिकार क्षेत्र नहीं है और इस मामले का आधार बनी कथित गलतबयानियां कानूनी तौर पर कार्रवाई योग्य नहीं हैं।

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, SEC द्वारा नवंबर 2024 में US Department of Justice की एक आपराधिक शिकायत के साथ दायर किए गए इस मामले में आरोप लगाया गया है कि अडानी ने सौर ऊर्जा के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रिश्वत देने की कोशिश की थी और जब उन्होंने पूंजी जुटाई, तो उन्होंने अमेरिकी निवेशकों और बैंकों से इस साज़िश को छिपाकर रखा। अडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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