गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अपने कारोबार का तेजी से विस्तार कर रहा है। जेपी एसोसिएट्स के बाद अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, अडानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (ARTL) ने पाथ हाईवेज एलएलपी (Path Highways LLP – PATH) के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

कितने में हुआ ये सौदा?

अडानी एंटरप्राइजेज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह अधिग्रहण 91.34 करोड़ रुपये में किया गया है। इस सौदे के तहत, अडानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड ने 99.99% और अडानी रोड GRICL लिमिटेड (GRICL) ने 0.01% हिस्सेदारी खरीदी है।

यह हिस्सेदारी ‘प्रकाश एस्फाल्टिंग एंड टोल्स हाईवे (इंडिया) लिमिटेड’ और ‘श्रीमती नीति अग्रवाल’ से खरीदी गई है।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह अधिग्रहण रोड इंफ्रास्ट्रक्चर विकास उद्योग में अपने फुटप्रिंट बढ़ाने की रणनीति के अनुरूप है।

इस सौदे से अडानी ग्रुप को क्या होगा फायदा?

अडानी एंटरप्राइजेज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि अडानी ग्रुप का अब तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर नियंत्रण बढ़ जाएगा। डील से पहले अडानी रोड ट्रांसपोर्ट और पाथ हाईवेज मिलकर इन प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी रखते थे। अधिग्रहण के बाद अडानी रोड ट्रांसपोर्ट की निम्न कंपनियों में 99.99% हिस्सेदारी हो जाएगी। इनमें मंचेरियल रेपल्लेवाड़ा रोड लिमिटेड, सूर्यापेट खम्मम रोड लिमिटेड और बिलासपुर पथरापाली रोड लिमिटेड शामिल हैं।

इससे पहले ग्रुप ने जेपी एसोसिएट्स को खरीदा था

अडानी ग्रुप ने इससे पहले लंबी चली प्रक्रिया के बाद दिवालिया समूह जेपी एसोसिएट्स को खरीदा था। अडानी समूह ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड का अधिग्रहण 14,535 करोड़ रुपये में किया था।

पाथ हाईवेज एलएलपी (PATH) के बारे में

अडानी एंटरप्राइजेज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 13 दिसंबर, 2018 को पाथ हाईवेज एलएलपी (PATH) की स्थापना हुई थी और यह मुख्य रूप से रोड इंफ्रास्ट्रक्चर संपत्तियों के लिए एक निवेश होल्डिंग वाहन के रूप में कार्य करती है।

अडानी एंटरप्राइजेज शेयर प्राइस

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 14 अगस्त को अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 1.62% की तेजी के साथ 3003.75 रुपये के स्तर पर ट्रेड हो रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 4,07,016.88 करोड़ रुपये है।

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अगर किसी कंपनी को जब नया प्लांट लगाना हो, तो उसे बड़ी राशि की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आमतौर पर लोगों को लगता है कि कंपनियां बैंक से लोन लेती होंगी। लेकिन हकीकत यह है कि कई कंपनियां बैंक से कर्ज लेने के बजाय बॉन्ड जारी करके निवेशकों से पैसा जुटाती हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है? बॉन्ड मार्केट क्या है। आइए आसान भाषा में समझते हैं…