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मुश्किल में ‘अडाणी गैस’, 400 करोड़ जुर्माना और लाइसेंस छिनने का डर

नोटिस में अडाणी गैस पर 400 करोड़ जुर्माना और लाइसेंस छिनने की बात कही गई है। अगर कंपनी पर आरोप साबित होते हैं तो निश्चित ही यह कार्रवाई की जाएगी।

Petroleum Natural Gas Regulatory Board, Natural Gas Regulatory Board, adani, Adani Gas, PNGRB, notice, Adani Enterprises, deal, shareholding changes, arrangementअडाणी समूह के मालिक गौतम अडाणी। फोटो: Indian Express

पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने अडाणी गैस को एक प्रोजेक्ट के लिए जानकारियां छिपाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कंपनी पर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट की नीलामी में अहम खुलासे नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। नोटिस में अडाणी गैस पर 400 करोड़ जुर्माना और लाइसेंस छिनने की बात कही गई है। अगर कंपनी पर आरोप साबित होते हैं तो निश्चित ही यह कार्रवाई की जाएगी।

सीएनबीसी आवाज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीएनजीआरबी ने यह नोटिस अडाणी गैस को एक गैस प्रोजेक्ट में अडाणी इंटरप्राइसेज की नेट वर्थ का इस्तेमाल करने के लिए जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी ने कई जानकारियां बोर्ड से छिपाई हैं जो नियमों के खिलाफ है। नोटिस में कहा गया है कि बोली में अडाणी इंटरप्राइजेज के साथ करार का खुलासा नहीं किया गया है। शेयर होल्डिंग बदलाव और रीस्ट्रक्चरिंग सीजीडी नियमों के खिलाफ है।

इस नोटिस पर अडाणी गैस के प्रवक्ता ने कहा है कि ‘हम पूरी तरह से नियमों का ख्याल रखा है और मानदंडों का पालन करते हैं। अडानी गैस ने संबंधित प्रोजेक्ट में की जा रही डील के बारे में सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया था। हमने इस मामले पर आवश्यक सूचनाओं के साथ पीएनजीआरबी को विधिवत जवाब दिया है। एजीएल ने नीलामी से पहले सभी संबंधित अथॉरिटीज को सूचित किया था। इस मामले को बंद करने के लिए हमने पीएनजीआरबी से सभी जरूरी सूचनाएं साझा कर दी हैं।’

प्रवक्ता ने आगे कहा ‘सभी जीए पर हमारे प्रोजेक्ट्स का काम जोरों पर है और इसमें पीएनजीआरबी और अन्य संबंधित अथॉरिटीज का समर्थन हासिल है। हम अपने ग्राहकों को तेजी के साथ सीएनजी और पाइप गैस मुहैया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अडाणी गैस लिमिटेड कॉर्पोरेट गवर्नेंस के सिद्धांतों को फॉलो करती है। ऐसे में हम पर किसी तरह के जुर्माने और कार्रवाही करना जायज नहीं होगा।’

वहीं पीएनजीआरबी के नोटिस जारी करने की सूचना जैसे ही मीडिया में आई अडाणी गैस के शेयर में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली है। नोटिस के बाद कंपनी का शेयर 7 फीसदी टूटा है।

बता दें कि इससे पहले 10 जनवरी को मुंबई की सेशन कोर्ट ने अडानी समूह को झटका देते हुए शेयर हेरा-फेरी के केस में 2014 को दिए गए निचली अदालत के फैसले को बदल दिया था। निचली अदालत ने अडानी समूह को क्लीन चिट दे दी थी। आरोप है कि साल 1999-2000 में अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन गौतम अडानी और कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडानी ने कथित तौर पर कंपनी के शेयर की कीमतों में धांधली की थी।

आरोप है कि कंपनी ने केतन पारिख द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के साथ मिलकर यह धांधली की थी। गौरतलब है कि केतन पारिख एक स्टॉक ब्रोकर है, जो कि देश के सबसे बड़े शेयर मार्केट घोटाले में आरोपी है।

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