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इस यूनिवर्सिटी के कुलपति भी हैं गुरुकुल में पढ़े पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण, यहां हुई थी बाबा रामदेव से पहली मुलाकात

पतंजलि आयुर्वेद की कामयाबी में अहम भूमिका निभाने वाले बालकृष्ण ने कभी कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली है। इसके बावजूद वह पतंजलि समूह की स्थापित पतंजलि यूनिवर्सिटी के कुलपति भी हैं।

acharya balkrishnaपतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण को उनकी लोप्रोफाइल लाइफस्टाइल और मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए जाना जाता है। अकसर सफेद धोती में दिखने वाले आचार्य बालकृष्ण पतंजलि के पूरे कामकाज को संभालते हैं और प्रचार एवं विस्तार की रणनीति भी तय करते हैं। वह पतंजलि समूह की ओर से स्थापित पतंजलि यूनिवर्सिटी के कुलपति भी हैं। पतंजलि आयुर्वेद की कामयाबी में अहम भूमिका निभाने वाले बालकृष्ण ने शुरुआती शिक्षा गुरुकुल से ली थी। मौजूदा दौर में शायद वह पहले ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने गुरुकुल से शुरुआती पढ़ाई की और अब यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। कहा जाता है कि उन्होंने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हाई स्कूल और ग्रैजुएशन की डिग्री ली है।

25 जुलाई, 1972 को नेपाली मूल के जय वल्लभ और सुमित्रा देवी के घर जन्मे बालकृष्ण ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत हरियाणा में आचार्य बलदेव के गुरुकुल से की थी। कहा जाता है कि यहीं पर उनकी मुलाकात पहली बार योग गुरु बाबा रामदेव से हुई थी। इसके बाद दोनों ही योग और आयुर्वेद के अध्ययन और प्रशिक्षण के काम में जुट गए थे। इसके बाद दोनों ने मिलकर पहले दिव्य फार्मेसी और फिर पतंजलि आयुर्वेद की स्थापना की थी। पतंजलि आयुर्वेद की वेबसाइट के मुताबिक ग्रुप की ओर से स्थापित यूनिवर्सिटी का मकसद एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि यूनिवर्सिटी का उद्देश्य ऐसे ग्रैजुएट्स को तैयार करना है, जो आत्मनिर्भर हों और खुद से रोजगार के अवसरों का सृजन कर सकें। इसके अलावा वे भारत को स्वास्थ्य, संपदा के मामले में समृद्ध बना सकें।

आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि उनका मकसद योग, हेल्थ, संस्कृति, टूरिज्म, साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी और पंचकर्मा के सेक्टर में आगे बढ़ाना है। पतंजलि यूनिवर्सिटी की ओर से आयुर्वेद, पंचकर्मा, योग और कम्प्यूटर साइंस जैसी स्ट्रीम्स में डिप्लोमा और डिग्री दिए जा रहे हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी की ओर से इन विषयों पर पीएचडी भी कराई जा रही है। बता दें कि बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद का सालाना टर्नओवर करीब 10,000 करोड़ रुपये का है।

गौरतलब है कि पतंजलि आयुर्वेद के मुनाफे में फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में 39 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। इसके अलावा रेवेन्यू भी 6 प्रतिशत बढ़ते हुए 9,024.2 करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। पतंजलि आयुर्वेद को 485 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। यही नहीं वित्त वर्ष के आखिरी महीने मार्च में लागू हुए लॉकडाउन के चलते जब दिग्गज कंपनियों को शीर्षासन करना पड़ गया, तब भी पतंजलि की ग्रोथ का सिलसिला जारी रहा है।

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