X

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से निजात मिलने के आसार कम: विशेषज्ञ

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम मई 2018 के बाद नई ऊंचाई पर पहुंच गया है और भूराजनीतिक दबाव में आगे आपूर्ति घटने की संभावनाओं से फिलहाल कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम मई 2018 के बाद नई ऊंचाई पर पहुंच गया है और भूराजनीतिक दबाव में आगे आपूर्ति घटने की संभावनाओं से फिलहाल कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ। कमोडिटी विश्लेषक अनुज गुप्ता के अनुसार, बेंट क्रूड में 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करने के बाद 83 डॉलर तक की तेजी देखी जा सकती है जबकि डब्ल्यूटीआई में 74 डॉलर तक का उछाल आ सकता है। अमेरिका में तेल का भंडार घटने और अमेरिकी प्रतिबंध के कारण ईरान से तेल की आपूर्ति कम होने से कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है। बेंट क्रूड के नवंबर डिलीवरी वायदे में बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 79.66 डॉलर प्रति बैरल तक उछाल देखा गया, जो कि 22 मई 2018 के बाद का ऊपरी स्तर है।

वहीं, अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई फिर 70 डॉलर के पार चला गया। शुरुआती कारोबार के दौरान डब्ल्यूटीआई में 70.14 तक का उछाल देखा गया। एंजेल ब्रोकिंग के उर्जा विश्लेषक व उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब तक सऊदी अरब तेल का उत्पादन नहीं बढ़ाएगा तब तक आपूर्ति पर दबाव बना रहेगा क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंध के कारण ईरान से तेल की आपूर्ति लगातार घट रही है।

उन्होंने कहा, “मौजूदा तेजी अमेरिका में तेल का भंडार घटने को लेकर आई है जो आगे और बढ़ सकती है क्योंकि अमेरिका तूफान के कारण तेल का उत्पादन बाधित रह सकता है। वहीं, आगे सर्दी का मौसम आने पर तेल और गैस की खपत बढ़ सकती है। अनुज गुप्ता ने कहा कि कच्चे तेल के भाव में तेजी रहने और डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने के कारण फिलहाल डीजल और पेट्रोल की महंगाई से निजात मिलने की संभावना नहीं दिख रही है।

बुधवार को हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर थीं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल का भाव 80.87 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 72.97 रुपये प्रति लीटर था। कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार, मजबूत विदेशी संकेतों से बुधवार को घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल की तेजी बढ़ने की पूरी संभावना है। एमसीएक्स पर मंगलवार को सितंबर डिलीवरी कच्चा तेल वायदा अनुबंध 126 रुपये यानी 2.56 फीसदी की तेजी के साथ 5,042 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ था।

उधर, रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले फिर फिसलकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र से 11 पैसे कमजोरी के साथ रुपया डॉलर के मुकाबले 72.80 पर खुला और 72.88 तक लुढ़क गया जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट यानी एपीआई की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में सात सितंबर को तेल का भंडार 86 लाख बैरल घटकर 39.59 करोड़ बैरल रह गया। हालांकि, कच्चा तेल उत्पादन को लेकर अमेरिकी उर्जा विभाग इनर्जी इंफार्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन यानी ईआईए की रिपोर्ट बुधवार को आने पर तेल के दाम को नई दिशा मिल सकती है।

Outbrain
Show comments