ABSLI Index Guaranteed Annuity Plus: रिटायरमेंट के बाद आम तौर पर सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि हर महीने खर्च चलाने के लिए रेगुलर इनकम कैसे मिलेगी। बढ़ती महंगाई और हेल्थ के खर्च इस चिंता को और बढ़ा देते हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस ने एक नया इंडेक्स लिंक्ड एन्युटी प्लान पेश किया है। इस प्लान को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) से मंजूरी भी मिल गई है। इस नई स्कीम का नाम है आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस इंडेक्स गारंटीड एन्युटी प्लस (ABSLI Index Guaranteed Annuity Plus)। यह रिटायरमेंट प्लान गारंटीड इनकम के साथ ही बाजार से जुड़ी इनकम पाने का विकल्प भी देता है, ताकि रिटायरमेंट के बाद स्टेबल इनकम और मार्केट आधारित ग्रोथ, दोनों का संतुलित ढंग से फायदा लिया जा सके। आइए जानते हैं इस प्लान के फायदे और रिस्क फैक्टर।

ABSLI इंडेक्स गारंटीड एन्युटी प्लस की खासियत 

ABSLI इंडेक्स गारंटीड एन्युटी प्लस एक इंडेक्स लिंक्ड एन्युटी प्लान है, जिसके दो हिस्से हैं। पहला हिस्सा गारंटीड एन्युटी का और दूसरा वैरिएबल एन्युटी का, जिसका रिटर्न निफ्टी 50 इंडेक्स के प्रदर्शन से जुड़ा होगा। कंपनी का कहना है कि इस प्लान का मकसद रिटायरमेंट के बाद आजीवन इनकम देना है, जिसमें कुछ हिस्सा फिक्स रहेगा और कुछ हिस्सा बाजार की चाल पर निर्भर होगा।

इस स्कीम को कंपनी मार्च 2026 में लॉन्च करने जा रही है। इसमें 40 से 80 साल की उम्र के लोग निवेश कर सकेंगे, बशर्ते वे चुने गए विकल्प की शर्तों पर खरे उतरते हों। इस स्कीम में सिंगल प्रीमियम (Single Premium) के अलावा लिमिटेड या रेगुलर प्रीमियम (Limited/Regular Premium) का ऑप्शन भी मिलेगा, जिसकी अवधि 2 से 10 साल तक रहेगी।

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रेगुलर इनकम के अलग-अलग विकल्प

इस प्लान में ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से एन्युटी चुन सकते हैं। अगर कोई निवेशक तुरंत पेंशन शुरू करना चाहता है तो वह ऐसा विकल्प चुन सकता है। लेकिन अगर किसी के रिटायरमेंट में अभी समय बचा है, तो वह इनकम को आगे के लिए टाल भी सकता है।

इस स्कीम में तीन मुख्य विकल्प बताए गए हैं। पहला, लाइफ एन्युटी, जिसमें जीवन भर गारंटीड इनकम मिलती रहती है। दूसरा, लाइफ एन्युटी विद रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस, जिसमें जीवन भर इनकम मिलती है और निधन के बाद नॉमिनी को परचेज प्राइस वापस मिल जाती है। तीसरा विकल्प, डिफर्ड लाइफ एन्युटी विद रिटर्न ऑफ प्रीमियम का है, जिसमें इनकम बाद में शुरू होती है और निधन होने पर जमा किए गए सभी प्रीमियम नॉमिनी को मिल जाते हैं।

इंडेक्स लिंक्ड एन्युटी का मतलब

इस स्कीम की खास बात यह है कि इसमें गारंटीड इनकम के साथ ही इंडेक्स लिंक्ड एन्युटी (Variable annuity) भी शामिल है। कंपनी की तरफ से दिए गए उदाहरण के मुताबिक अगर कोई कस्टमर 50 साल की उम्र में गारंटीड एवं वेरिएबल एन्युइटी में 60:40 कंपोनेंट के साथ यह इंडेक्स-लिंक्ड एन्युइटी प्लान खरीदता है और 10 साल तक प्रीमियम भरता है, तो 60 साल की उम्र से सालाना पेंशन मिलना शुरू होने पर उसके एन्युइटी का रेट, पूरी तरह गारंटीड एन्युइटी प्लान से ज़्यादा होने की उम्मीद है।

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उदाहरण से समझें कैलकुलेशन

कंपनी की तरफ से दिए उदाहरण के मुताबिक पूरी तरह गारंटीड एन्युइटी प्लान में फिक्स्ड एन्युइटी रेट 8.91% बताया गया है। वहीं इंडेक्स-लिंक्ड एन्युइटी में बेंचमार्क इंडेक्स “निफ्टी 50” के हिस्टोरिकल रिटर्न और मार्केट परफॉर्मेंस के आधार पर पहले साल में 11.64% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद जाहिर की गई है। इसका मतलब है कि कस्टमर को इंडेक्स लिंक्ड एन्युइटी में 2.73% का एक्स्ट्रा बेनिफिट मिल सकता है, जिससे रिटायरमेंट इनकम बढ़ सकती है। 

हालांकि यह उदाहरण निफ्टी 50 के पिछले प्रदर्शन पर आधारित अनुमानित कैलकुलेशन है। जबकि भविष्य में मिलने वाला असली रिटर्न बाजार की हालत पर निर्भर होगा। इसलिए इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इंडेक्स लिंक्ड रिटर्न हर साल गारंटीड प्लान से ज्यादा ही होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंडेक्स लिंक्ड निवेश के साथ मार्केट रिस्क जुड़ा रहता है। 

आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ कमलेश राव ने इस स्कीम को IRDAI की मंजूरी मिलने के बाद कहा कि “इस खास प्रोडक्ट में हमारा फोकस ऐसा सॉल्यूशन देने पर है जो ग्राहकों को जीवन के हर फेज़ में आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता दे सके। यह नया प्लान गारंटीड और वैरिएबल एन्युटी के मेल से आजीवन रिटायरमेंट इनकम को निवेशकों की जरूरतों के मुताबिक ढालने में मदद करता है।”

रिस्क फैक्टर और सावधानियां

यह प्लान पूरी तरह से ट्रेडिशन एन्युटी जैसा नहीं है, क्योंकि इसमें वैरिएबल हिस्सा बाजार से जुड़ा है। इसका मतलब यह है कि एन्युटी की रकम ऊपर भी जा सकती है और नीचे भी। कंपनी ने साफ किया है कि पुराने इंडेक्स रिटर्न को भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। इसलिए यह प्लान उन लोगों के लिए ज्यादा सही हो सकता है जो रिटायरमेंट के बाद पूरी इनकम को जोखिम में नहीं डालना चाहते, लेकिन कुछ हद तक बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़े रिस्क को बर्दाश्त कर सकते हैं। 

प्लान की खास बातें (Highlights)

  • गारंटीड इनकम के साथ इंडेक्स लिंक्ड इनकम का मेल
  • लाइफ एन्युटी, रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस और डिफर्ड एन्युटी जैसे विकल्प
  • फौरन या बाद में रेगुलर इनकम शुरू करने की सुविधा
  • सिंगल प्रीमियम या लिमिटेड/रेगुलर प्रीमियम का विकल्प
  • मंथली, तिमाही, छमाही या सालाना पेमेंट की सुविधा

(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं। निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें।)