A little relief for the Modi government, increasing industrial production in December, inflation also decreased - मोदी सरकार के लिए थोड़ी राहत, दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा, महंगाई दर भी घटी - Jansatta
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मोदी सरकार के लिए थोड़ी राहत, दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा, महंगाई दर भी घटी

विनिर्माण और पूंजीगत सामानों के क्षेत्र में गतिविधियां अच्छी रहीं जिसकी बदौलत औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) दिसंबर माह में 7.1 प्रतिशत बढ़ गया।

Author February 13, 2018 12:39 AM
पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो।

अर्थव्यवस्था में गतिविधियों में तेज बने रहने का संकेत देते हुये दिसंबर माह में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 7.1 प्रतिशत रही जबकि इसके विपरीत खाद्य पदार्थेां के दाम में कुछ नरमी आने से खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा जनवरी में मामूली घटकर 5.07 प्रतिशत रहा। विनिर्माण और पूंजीगत सामानों के क्षेत्र में गतिविधियां अच्छी रहीं जिसकी बदौलत औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) दिसंबर माह में 7.1 प्रतिशत बढ़ गया। एक साल पहले इसी माह में इसमें 2.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। हालांकि यदि एक माह पहले यानी नवंबर 2017 में आईआईपी में 8.8 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि हुई थी।

दूसरी तरफ खुदरा मुद्रास्फीति का जनवरी का आंकड़ा खाद्य पदार्थों के दाम कुछ नरम पड़ने से मामूली घटकर 5.07 प्रतिशत रह गया। इससे पिछले माह दिसंबर 2017 में यह 17 माह के उच्चस्तर 5.21 प्रतिशत पर पहुंच गया था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मेक इन इंडिया पर फोकस रखने के लगातार परिणाम सामने आ रहे हैं। आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर दिसंबर 2016 के मुकाबले दिसंबर 2017 में 8.4 प्रतिशत रही है।
केन्द्रीय साख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आज जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर माह में आईआईपी में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि में विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ी गतिविधियों का योगदान रहा है। आईआईपी में विनिर्माण क्षेत्र की 77 प्रतिशत से अधिक भागीदारी है।

अर्थव्यवस्था में निवेश का सूचक माना जाने वाले पूंजीगत सामानों की वृद्धि दिसंबर – 2017 में 16.4 प्रतिशत रही जो कि एक साल पहले इसी माह में 6.2 प्रतिशत थी। दिसंबर 2016 में आईआईपी में 2.4 प्रतिशत वृद्धि रही थी जबकि नवंबर 2017 के आईआईपी वृद्धि का आंकड़ा 8.4 प्रतिशत से संशोधित होकर 8.8 प्रतिशत हो गया। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में इससे पिछले महीने के मुकाबले मामूली गिरकर 5.07 प्रतिशत रह गई। एक माह पहले दिसंबर में यह 5.21 प्रतिशत थी और एक साल पहले जनवरी में 3.17 प्रतिशत थी।

सीपीआई में उपभोक्ता खाद्य समूह की मुद्रास्फीति 4.96 प्रतिशत से मामूली गिरकर 4.7 प्रतिशत रह गई। सब्जियों की महंगाई भी 29.13 प्रतिशत से घटकर 26.97 प्रतिशत रह गई। फल के दाम में भी 6.24 प्रतिशत की हल्की वृद्धि रही जबकि एक साल पहले इसमें 6.63 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। आईआईपी आंकड़े पर प्रतिक्रिया में उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि आने वाले महीनों के दौरान घरेलू बाजार के नेतृत्व में ही गतिविधियां बढ़ेंगी। अर्थव्यवस्था में गतिविधियां बढ़ने के साथ ही नया निवेश एवं व्यवसाय भी बढ़ेगा। इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री आदिति नायर ने हालांकि कहा कि पूंजीगत सामानों के क्षेत्र में दहाई अंक की हाल की वृद्धि को निवेश गतिविधियों में वृद्धि आने के साथ जोड़ा जाये।

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