8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी-पेंशन और अन्य सेवा शर्तों के लिए सिफारिशें तैयार करने में लगा है। इस क्रम में दिल्ली और देहरादून के बाद पुणे में आयोग की मीटिंग हुई। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग ने 4 मई 2026 को कर्मचारी-पेंशनर्स से जुड़े कई संगठनों से बात की। पुणे में चल रही इस मीटिंग से बड़ा अपडेट सामने आया है।
महाराष्ट्र राज्य जुनी पेंशन संगठन के सदस्यों ने आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस देसाई, सदस्य सचिव पंकज जैन और अन्य सदस्यों के साथ मीटिंग में शामिल हुए और मिनिमम बेसिक सैलरी, पेंशन समेत कई मुद्दों पर सुझाव दिए।
पेंशन से लेकर ग्रेच्युटी तक: इन विषयों पर हुई बात
महाराष्ट्र राज्य जुनी पेंशन संगठन की प्रमुख मांगों में ओल्ड पेंशन स्कीम की वापसी प्रमुख मुद्दा है। इसके अलावा शिक्षकों के लिए 10,20,30 फॉर्मूला लागू करना समेत इन प्रमुख विषयों पर बातें हुईं।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वितेश खांडेकर ने बताया कि आयोग ने सभी बिंदुओं को सुना और विषयों को गंभीरता से दर्ज किया। आइए जानते हैं संगठन ने किस मुद्दे पर क्या सुझाव दिए…
– 8वें वेतन आयोग से मांग भी की गई है कि मौजूदा न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये किया जाए।
– 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसे अब बढ़ाकर 3.8 करने की मांग की गई है।
– वर्तमान फैमिली यूनिट की अवधारणा में माता-पिता को शामिल कर 5 सदस्यों की फैमिली यूनिट की जाए।
– आयोग स्वयं ही डिफॉल्ट रूप से 4 फीसदी न्यूनतम DA वृद्धि दर निश्चित करे।
– कठिन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ते में वृद्धि की जाए।
– 8वें वेतन आयोग से सालाना सैलरी हाइक 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग की गई है।
– शिक्षकों को भी 10,20,30 सुनिश्चित प्रगति योजना लागू की जाए।
– संगठन ने मांग की कि 8वें वेतन आयोग में शुरुआत से ही बढ़ी हुई दरों पर HRA मिले और इसे DA से लिंक न किया जाए। साथ ही, HRA दरों को -10%, 20%, 30% से बढ़ाकर क्रमशः 12%, 24%, 36% करने की मांग की गई।
– 8वें वेतन आयोग में 6वें वेतन आयोग की तरह अब भी यात्रा भत्ते में 2.5 गुना वृद्धि की मांग की गई।
– यह भी मांग की गई है कि प्रमोशन में 10,20,30 या 12,24,36 योजना की वेतन विसंगतियां दूर हों।
ये मांग भी की गई –
इसके अलावा, विशेष वेतन वृद्धि योजना पुनः शुरू करना, पेंशन रिफॉर्म्स, रिटायरमेंट ग्रेच्युटी में सुधार, डेथ ग्रेच्युटी कैलकुलेशन में सुधार की मांग की गई।
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नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा द्वारा शेयर किए गए एक कम्युनिकेशन के अनुसार, स्टैंडिंग कमेटी ने 28 अप्रैल, 2026 को कमीशन से मुलाकात की और अपने मेमोरेंडम के खास पॉइंट्स पेश किए। यहां पढ़ें पूरी खबर…
