8th Pay Commission: केंद्र सरकार के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की प्रतिनिधि संस्था ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने 8वें वेतन आयोग के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। नई दिल्ली में हुई बैठक में शिक्षकों से जुड़े वेतन, भत्ते, छुट्टी, प्रमोशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई गई।

ET की एक रिपोर्ट के अनुसार, AINPSEF के नेशनल प्रेसिडेंट मनजीत सिंह पटेल (जो मीटिंग में मौजूद थे) ने बताया कि बैठक में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिल्ली के MCD और NDMC स्कूल, दिल्ली सरकार के एडेड स्कूलों के साथ-साथ चंडीगढ़ और अंडमान-निकोबार जैसे केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

शिक्षक संगठनों ने देशभर में केंद्र सरकार के शिक्षकों के लिए एक समान वेतन और सेवा शर्तें लागू करने की मांग करते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली, रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने और प्रमोशन व छुट्टियों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

केंद्र सरकार के टीचरों की प्रतिनिधि संस्था AINPSEF ने 8वें वेतन आयोग के सामने रखी कई अहम मांगें

संस्था का कहना है कि शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष की जानी चाहिए ताकि अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लंबे समय तक लाभ मिल सके। इसके साथ ही, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग भी उठाई गई है। वर्तमान में 1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त शिक्षक NPS के दायरे में आते हैं और उन्हें UPS का विकल्प भी उपलब्ध है।

पदोन्नति से जुड़े प्रस्तावों में संस्था ने सुझाव दिया है कि प्रिंसिपल के पदों में 50% हिस्सा विभागीय शिक्षकों के प्रमोशन के लिए आरक्षित हो, जबकि 25% पद परीक्षा कोटा से भरे जाएं। इसके अलावा “हेड ऑफ सब्जेक्ट” नाम से एक नई प्रमोशनल पोस्ट बनाने और उसका ग्रेड पे ₹5,400 तय करने की मांग की गई है। वाइस प्रिंसिपल का ग्रेड पे बढ़ाकर ₹6,600 करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

दिल्ली सरकार के शिक्षकों के लिए संस्था ने वाइस प्रिंसिपल पद पर 100% प्रमोशनल कोटा देने की मांग की है। छुट्टियों को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं, जिनमें एक वर्ष में 14 कैजुअल लीव, 30 अर्न्ड लीव और 20 मेडिकल लीव देने की सिफारिश शामिल है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में संस्था का कहना है कि सेवानिवृत्ति के समय दिल्ली सरकार के शिक्षकों को DGEHS या CGHS में से किसी एक योजना को चुनने का विकल्प मिलना चाहिए, ताकि वे अपने गृह नगर लौटने के बाद भी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले सकें।

इसके अलावा सभी केंद्रीय सरकारी शिक्षकों को सेवा के दौरान कैशलेस मेडिकल सुविधा देने की मांग की गई है। संस्था ने यह भी कहा कि यदि परिवार में केवल पुरुष शिक्षक ही नौकरी कर रहा हो, तो उसे भी चाइल्ड केयर लीव (CCL) का लाभ मिलना चाहिए।

आने वाली मीटिंग्स

8वें वेतन आयोग की कंसल्टेशन प्रक्रिया आने वाले महीनों में भी जारी रहेगी। 10 अगस्त को दिल्ली में बैठक पूरी होने के बाद आयोग देश के कई शहरों में अलग-अलग संगठनों और हितधारकों से बातचीत करेगा। इसके तहत चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में अगली बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है।

जयपुर में आयोग की बैठकें 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित होंगी। इन बैठकों में कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे।

आयोग का कार्यक्षेत्र

8वें वेतन आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा कर जरूरी बदलावों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग सिफारिश करते समय मौजूदा जरूरतों, अलग-अलग विभागों की आवश्यकताओं और सरकार की वित्तीय स्थिति का भी ध्यान रखेगा।

यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा बलों, अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS, IFoS), केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों, भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग, RBI को छोड़कर अन्य नियामक संस्थाओं, सुप्रीम कोर्ट, कुछ हाई कोर्ट और केंद्र शासित प्रदेशों की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारियों को कवर करेगा।

यह भी पढ़ें: फिटमेंट फैक्टर पर सरकार ने क्या कहा?

केंद्र सरकार ने संसद में पहली बार 8वें वेतन आयोग के तहत चर्चा में रहे फिटमेंट फैक्टर पर टिप्पणी की है। हालांकि, उसने कर्मचारी यूनियनों की खास मांगों पर कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन यह साफ किया है कि आयोग अपनी प्रक्रिया खुद तय करेगा। सरकार को आयोग की अंदरूनी चर्चाओं के बारे में जानकारी नहीं दी जा रही है। यहां पढ़ें पूरी खबर…

[ डिस्क्लेमर: यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, कर्मचारी संगठनों के बयानों और 8वें वेतन आयोग की कंसल्टेशन प्रक्रिया से जुड़ी उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। AINPSEF द्वारा रखी गई मांगें अभी केवल प्रस्ताव हैं, इन्हें सरकार या 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें नहीं माना जाना चाहिए। वेतन, भत्तों, पेंशन, प्रमोशन, छुट्टियों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े किसी भी बदलाव पर अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। पाठकों को आधिकारिक अधिसूचनाओं और सरकारी घोषणाओं का इंतजार करना चाहिए। ]