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देश के 80 करोड़ गरीबों को हर महीने सब्सिडी पर मिलेगा 7 किलो राशन, अब तक 5 किलो ही थी लिमिट

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट मीटिंग के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने अब हर गरीब व्यक्ति को महीने में 7 किलो राशन देने का फैसला लिया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा स्कीम है।

food securityदेश के 80 करोड़ गरीबों को अब हर महीने मिलेगा 7 किलो राशन

देश के गरीब परिवारों को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए हर महीने प्रति व्यक्ति 7 किलो राशन सब्सिडी पर देने का फैसला लिया है। अब तक पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन के तहत सरकारी राशन की दुकानों के जरिए गरीब परिवारों के हर व्यक्ति को महीने में 5 किलो का राशन ही दिया जाता है। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में हुई कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट मीटिंग के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने अब हर गरीब व्यक्ति को महीने में 7 किलो राशन देने का फैसला लिया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा स्कीम है।

2 रुपये में मिलेगा 27 रुपये वाला गेहूं: फिलहाल देश में गेहूं की कीमत रिटेल मार्केट में 27 रुपये प्रति किलो है, जबकि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत महज 2 रुपये प्रति किलो के दाम पर गरीबों को गेहूं दिया जाता है। इसके अलावा चावल की कीमत 32 रुपये के करीब है, जबकि सरकार इसे 3 रुपये प्रति किलो पर मुहैया कराती है।

राज्यों को अतिरिक्त राशन उठाने को कहा गया: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार की ओर से राज्यों को पहले ही बढ़ा हुआ राशन उठाने के लिए कह दिया गया है। बता दें कि अब तक सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 80 करोड़ गरीब लोगों को प्रति माह 5 किलो राशन दिया जाता था।

राशन के बड़े भंडार की भी होगी खपत: दरअसल सरकारी एजेंसी फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास गेहूं और चावल का बड़ा भंडार मौजूद है। ऐसे में सरकार ने यह फैसला लिया ताकि बचे हुए स्टॉक को खपाया जा सके और गरीब तबके के लोगों को राहत भी मिल सके। गौरतलब है कि फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया पर नए मॉनसून सीजन से पहले इस स्टॉक को खाली करने का दबाव था।

कैबिनेट मीटिंग में कोरोना पर सजगता: पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट मीटिंग के दौरान कोरोना को लेकर भी खास जागरुकता भी देखने को मिली। सभी मंत्री उचित दूरी बनाकर बैठे थे। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए सभी पत्रकारों को दूर-दूर बैठने को कहा। केंद्रीय मंत्री ने कहा ‘पत्रकार वार्ता में भी सब दूर-दूर बैठे हैं नजदीक रहने के लिए दूर-दूर बैठना जरूरी है।’

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