ताज़ा खबर
 

7th Pay Commission: नरेंद्र मोदी सरकार ने अहम प्रस्ताव किया मंजूर, ये कर्मचारी सीधे तौर पर होंगे लाभान्वित

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today 2019, 7th Pay Commission Latest Hindi News: दरअसल, केंद्र ने इससे पहले अपने इन कर्मचारियों को राशन देना बंद कर दिया था, जिसके बदले में उन्हें करीब 117 रुपए प्रति दिन दिए जाने लगे थे। यह रकम सीधे उन कर्मियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाती थी।

Author नई दिल्ली | June 19, 2019 10:01 PM
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल फोटोः पीटीआई)

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today 2019, 7th Pay Commission Latest Hindi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने मंगलवार (18 जून, 2019) को रक्षा मंत्रालय के उस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी, जिसके तहत शांति क्षेत्रों में तैनात सैन्य अधिकारियों को फिर से ‘राशन इन काइंड’ (राशन सामग्री) दिए जाने की बात कही गई थी। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। एक सैन्य अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया कि सरकार ने रक्षा मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें शांति क्षेत्रों में तैनात सैन्य कर्मियों को राशन बहाली की मांग उठाई गई थी।

दरअसल, केंद्र ने इससे पहले अपने इन कर्मचारियों को राशन देना बंद कर दिया था, जिसके बदले में उन्हें करीब 117 रुपए प्रति दिन दिए जाने लगे थे। यह रकम सीधे उन कर्मियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाती थी। हालांकि, तब इस रकम को बढ़ाने की मांग उठाई गई, पर हालात जस के तस ही रहे।

लगभग दो साल पहले, सातवें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से ‘राशन इन काइंड’ देना बंद कर दे। केंद्र ने इसके बाद शांति क्षेत्रों में तैनात सैन्य कर्मियों को 1 जुलाई, 2017 से राशन देना समाप्त कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, सरकार का मानना था कि ‘राशन इन काइंड’ पर मुफ्त में दिए जाने वाले राशन से अधिक रकम खर्च हो जाती है।

25 जुलाई, 2017 को प्रकाशित ‘डीएनए’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुफ्त में दिए जाने वाले राशन की कीमत प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपए आंकी गई थी, जबकि एक दिन में दिए जाने वाले राशन इन काइंड पर सरकार के 205 रुपए खर्च होते थे।

जानकारों की मानें तो राजनाथ ने मोदी 2.0 में रक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद ही संकेत दे दिए थे कि रक्षा और सैन्य कर्मचारियों का कल्याण और हित ही उनकी प्राथमिकता पर हैं। मंत्री पद की जिम्मेदारी के कुछ ही हफ्तों बाद उनकी तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी देने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में इन कर्मचारियों को सरकार से और अन्य राहत भरी खबरें मिल सकती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App