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7th Pay Commission: नरेंद्र मोदी कैबिनेट का फैसला, Indian Railways कर्मियों को 78 दिन का वेतन बोनस में; 11 लाख कर्मी होंगे लाभान्वित

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today 2019, 7th Pay Commission Latest Hindi News: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "11 लाख कर्मचारियों के लिए यह सरकार पिछले छह सालों से लगातार काम कर रही है। हमने उन्हें रिकॉर्ड बोनस भी दिया है, जो कि 78 दिनों के वेतन के बराबर है।

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7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today 2019, 7th Pay Commission Latest Hindi News: दशहरा और दिवाली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने बुधवार (18 सितंबर, 2019) को Indian Railways के कर्मचारियों को राहत भरी खबर दी। दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का वेतन बोनस में देने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले से 11 लाख से अधिक रेलकर्मी लाभान्वित होंगे।

जावड़ेकर ने इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “18 सितंबर 2019 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का उत्पादकता बोनस देने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय से रेलवे के 11.52 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। यह लगातार छठा वर्ष है, जब रेलवे कर्मियों को 78 दिन का बोनस दिया जा रहा है। इस कदम से 2024 करोड़ रुपए का बजटीय प्रभाव पड़ेगा।”

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, केंद्र के इस कदम से रेलवेकर्मी प्रोत्साहित होंगे। वे पूरी ताकत लगाकर काम करेंगे। रेलवे देश की जीवन रेखा है और इस दृष्टि से यह निर्णय महत्वपूर्ण है।

ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री पर रोकः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगे कहा- केंद्रीय कैबिनेट ने ई-सिगरेट्स पर भी बैन को मंजूरी दे दी है। यानी इसके उत्पादन, मैन्युफैक्चरिंग, आयात/निर्यात, लाने-ले-जाने, बिक्री, वितरण, रखने और विज्ञापन पर पूरी तरह से रोक है। जानकारी के अनुसार, इस मकसद की पूर्ति के लिए अध्यादेश भी लाया जायेगा, जिसके उल्लंघन करने पर सजा का भी प्रावधान किया गया है।

बकौल वित्त मंत्री, “रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो ई-सिगरेट की लत को बहुत ‘कूल’ (अच्छा/ट्रेंडी/सही) समझते हैं। माना जाता है कि इसके 400 से अधिक ब्रांड्स हैं, भारत में अभी तक इनमें से किसी की मैन्युफैक्चरिंग नहीं हुई है। और वे कुल 150 फ्लेवर्स में आते हैं।” बकौल वित्त मंत्री, “ई- हुक्का को भी इसके तहत प्रतिबंधित किया गया है। इस विषय पर राष्ट्रपति की अनुमति से अध्यादेश लाया जाएगा।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर इसमें सजा का भी प्रावधान है। पहली बार गुनाह पर एक साल की सजा या एक लाख रूपये का जुर्माना या दोनों है। जबकि बार बार गुनाह करने पर सजा 3 वर्ष होगी या 5 लाख रूपये का जुर्माना या दोनों लगाये जा सकते हैं। सीतारमण उस मंत्री समूह (जीओएम) की अध्यक्ष रही है जिसने ई-सिगरेट के विषय पर विचार किया।

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