ताज़ा खबर
 

7th Pay Commission: बढ़ने जा रही केंद्रीय कर्मचारियों की बढ़ेगी? सरकार ने मान ली मांग!

7th pay commission: एनपीएस कर्मचारियों को मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए अपने पेंशन फंड से पर्याप्त धन वापस लेने की अनुमति नहीं देता है। पुरानी पेंशन योजना के विपरीत नई पेंशन स्कीम कर्मचारियों को निवेश पर गारंटिड रिटर्न या न्यूनतम पेंशन की कोई गारंटी नहीं देता है।

7th pay commission, 7th pay commission latest news, 7th pay commission latest news today 2018, 7th pay commission latest news in hindi, 7th cpc, 7th cpc latest news, 7th cpc latest news today, 7th pay commission up, 7th pay commission latest news today 2018, 7th pay commission latest news in hindi 2018, 7th pay commission latest news 2018 today7th Pay Commission: एनपीएस पेंशन फंड से निकासी पर ड्रैकोनियन प्रतिबंध लगाता है।

7th pay commission: केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की लगातार कोशिश में है। अब सरकार आने वाले विधानसभा चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। कई राज्यों में विधानसभा चुनावों का माहौल है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांगों में से एक पर सहमति जता दी है। कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली पर आधारित नई पेंशन योजना (NPS) को पुरानी पेंशन योजना (OPS) से बदलने की मांग कर रहे थे। अब दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देते हुए दिल्ली विधानसभा में नई पेंशन योजना को पुरानी पेंशन योजना से बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।  दिल्ली विधानसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार 26 नवंबर 2018 को भारत सरकार से आग्रह किया गया कि मोदी सरकार तत्काल प्रभाव से नई पेंशन स्कीम को खत्म करके दिल्ली एनसीआर में काम कर रहे सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से सभी सुविधाओं के साथ पुरानी पेंशन स्कीम लागू करें।

पुरानी पेंशन योजना के विपरीत नई पेंशन स्कीम कर्मचारियों को निवेश पर गारंटिड रिटर्न या न्यूनतम पेंशन की कोई गारंटी नहीं देता है। एनपीएस पारिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। नई पेंशन स्कीम जरूरत पड़ने पर लोन सुविधा प्रदान नहीं करता है। नई पेंशन स्कीम वार्षिक वृद्धि और डीए पर वृद्धि प्रदान नहीं करता है। एनपीएस कर्मचारियों को मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए अपने पेंशन फंड से पर्याप्त धन वापस लेने की अनुमति नहीं देता है।

एनपीएस कर्मचारियों को शेयर बाजारों और उन ताकतों की दया पर छोड़ देता है जो बाजार में छेड़छाड़ कर रहे हैं। एनपीएस पेंशन फंड से निकासी पर ड्रैकोनियन प्रतिबंध लगाता है। एनपीएस बीमा कंपनियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी कम से कम दस साल तक वार्षिकी खरीदने के लिए मजबूर करने के साथ कर्मचारियों का शोषण करने की अनुमति देता है, और संविधान में निहित कल्याणकारी राज्य की भावना के विपरीत चलता है।

Next Stories
1 BJP को 1 साल में मिला 1027 करोड़ रुपये का चंदा, 567 करोड़ चुनाव और प्रचार पर खर्च
2 Bajaj Pulsar Neon: बजाज ने लॉन्च की नई पल्सर, लुक को बनाया गया है खास, देखें फोटो
3 Indian Railways: भगवान विश्वनाथ के दर्शन के लिए चली स्पेशल ट्रेन, जानें टाइमिंग और बाकी डिटेल्स
ये पढ़ा क्या?
X