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7th Pay Commission: इन कर्मचारियों को मिलेगा ढाई साल से ज्यादा का एरियर, बढ़ गई सैलरी

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today: कॉलेज के शिक्षकों की बड़ी मांग को पूरा करते हुए मंत्रिमंडल ने 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग के लाभों को लागू करने का फैसला किया।

7th Pay Commission: राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 31 अगस्त 2018 के बीच का एरियर भी दिया जाएगा।

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today: केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक सैलरी दे रही है। इसके बाद कई राज्यों ने भी अपने यहां इसे लागू कर दिया है। अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी अपने यहां सातवें वेतन आयोग के मुताबिक सैलरी देने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश में सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। मतलब राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। इस तरह राज्य सरकार के कर्मचारियों को 32 महीने का एरियर मिलेगा। मध्य प्रदेश के पब्लिक रिलेशन मिनिस्टर नरोत्तम मिश्रा इसकी घोषणा की। यह फैसला राज्य कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया था। इसके मुताबिक यह फायदा सरकारी कॉलेज के शिक्षकों को दिया जाएगा।

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से 31 अगस्त 2018 के बीच का एरियर भी दिया जाएगा। यह एरियर एक साथ दिया जाएगा। यह पूरा पैसा कर्मचारियों को GPF अकाउंट में दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कॉलेज के शिक्षकों की बड़ी मांग को पूरा करते हुए मंत्रिमंडल ने 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग के लाभों को लागू करने का फैसला किया।

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आपको बता दें कि हाल ही में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 2 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी थी। इससे 50 लाख कर्मचारियों को फायदा हुआ। इस नई बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में मिलने वाला DA अब 9 फीसदी हो गया है। यह 1 जुलाई 2018 से लागू होगा। इस बढ़ोतरी के बाद केद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 350 रुपए से लेकर 5,000 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी। इस बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार के खजाने पर सालाना 6,112.20 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा, इसके अलावा वित्त वर्ष 2018-19 में 4074.80 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 29 अगस्त को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।

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