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7th Pay Commission: 30 जून तक इन 26 लाख कर्मचारियों के खाते में आ जाएगा पैसा, आदेश जारी

7th Pay Commission Latest News Today 2018, 7th CPC News in Hindi: राज्य सरकार पर जनवरी 2016 से लेकर दिसंबर 2016 तक का एरियर बाकी है। अब राज्य सरकार एरियर के 50 फीसदी का भुगतान वित्त वर्ष 2018-19 में करेगी।

7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतन के बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान करने के लिए 2018-19 के बजट में 5877.75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से ज्यादा बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर देने का फैसला कर लिया है। प्रदेश के करीब 26 लाख सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मियों और पेंशनरों आदि को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप एक जनवरी 2016 से लागू वेतन का भुगतान होना है। इसके तहत प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को सातवें वेतनमान में पुनरीक्षित वेतन के बकाए का 50 फीसदी हिस्सा 30 जून तक उनके खाते में जमा करा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति मिलने के बाद सचिव वित्त अलकनंदा दयाल ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया था।

राज्य सरकार पर जनवरी 2016 से लेकर दिसंबर 2016 तक का एरियर बाकी है। अब राज्य सरकार एरियर के 50 फीसदी का भुगतान वित्त वर्ष 2018-19 में करेगी और बाकी के बचे हुए 50 फीसदी का भुगतान वित्त वर्ष 2019-20 मे करेगी। राज्य वेतन समिति की संस्तुति पर सरकार ने कर्मियों को वेतन का नकद भुगतान जनवरी 2017 से शुरू किया। एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स में वेतन तथा महंगाई भत्ते के अवशेष के 50 प्रतिशत अंश का भुगतान वित्तीय वर्ष 2018-19 में 30 जून तक किए जाने संबंधी अदेश जारी कर दिया गया है।

इन्हें मिलेगा फायदा: राज्य कर्मचारी, राजकीय/सहायता प्राप्त शिक्षण/ प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक/शिक्षणेतर कर्मचारी, नगरीय स्थानीय निकायों के कर्मी व पेंशनर।

सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतन के बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान करने के लिए 2018-19 के बजट में 5877.75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें राज्य कर्मचारियों के बकाया भुगतान पर 2801 करोड़ 9 लाख 47 हजार व स्वायत्तशासी संस्थाओं, राज्य से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए 3076 करोड़ 66 लाख 99 हजार रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए कर दिया है। वहीं फिटमेंट फेक्टर को 2.57 फीसदी बढ़ा दिया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी 26,000 रुपए महीने की जाए, इसके अलावा फिटमेट फेक्टर को 3.68 गुना बढाया जाए।

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