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7th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों का वित्त मंत्री को पत्र, काटें नहीं पीएफ खाते में ट्रांसफर करें बढ़ा हुआ डीए

7th Pay Commission da 7th cpc latest news 2020: कर्मचारी संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में यह भी सुझाव दिया है कि यदि सरकार बढ़े हुए डीए का भुगतान सैलरी के साथ नहीं करना चाहती है तो उसे प्रोविडेंट फंड खातों में ट्रांसफर कर दिया जाए।

notesरेलवे कर्मचारी एसोसिएशन ने की डीए न रोकने की मांग

7th Pay Commission 7th cpc latest news today in hindi: केंद्र सरकार ने भले ही अपने करीब 1.5 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए में इजाफे पर रोक लगा दी है, लेकिन कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार इस पर आपत्ति जताई जा रही है। हाल ही में बीएसएनएल के कर्मचारियों और बीमा कर्मचारी संगठनों की ओर इस फैसले को वापस लेने की अपील की गई थी। अब रेलवे कर्मचारियों के एक संगठन इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन ने भी खत लिखकर इस पर आपत्ति जताई है। हालांकि कर्मचारी संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में यह भी सुझाव दिया है कि यदि सरकार बढ़े हुए डीए का भुगतान सैलरी के साथ नहीं करना चाहती है तो उसे प्रोविडेंट फंड खातों में ट्रांसफर कर दिया जाए।

कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए रेलवे कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि हम देश भर में सामान और पार्सल की निर्बाध सप्लाई के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसके अलावा कोरोना के मद्देनजर रेलवे के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है। एसोसिएशन ने अपने खत में लिखा है कि रेलवे और अन्य सभी सरकारी कर्मचारियों ने पीएम केयर्स फंड में भी योगदान किया है। वित्त मंत्री को संबोधित पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि डीए एक तरह से सैलरी का ही हिस्सा है और इसमें इजाफे पर रोक से वास्तव में वेतन में ही कमी होगी। एसोसिएशन ने कहा कि इस फैसले से मुश्किल वक्त में काम कर रहे कर्मचारियों के मनोबल पर भी विपरीत असर पड़ेगा।

रिटायर होने वाले कर्मचारियों को नुकसान का हवाला: यही नहीं 1 जनवरी, 2020 से लेकर 30 जून 2021 के दौरान रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी बड़े नुकसान की बात इस पत्र में कही गई है। एसोसिएशन ने कहा कि इसके चलते रिटायर होने वाले कर्मचारियों को ग्रैच्युटी और लीव एन्कैशमेंट के तौर पर बड़ा नुकसान होगा क्योंकि इसके लिए डीए को भी जोड़ा जाता है।

कर्मचारी बोले, आदर्श पेश कर सरकार:  पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से प्राइवेट संस्थानों के द्वारा सभी कर्मचारियों को लॉकडाउन की अवधि में पूरी सैलरी देने की अपील का भी पत्र में जिक्र हुआ है। कर्मचारी संगठन ने कहा कि सरकार ने निजी संस्थानों से पूरी सैलरी देने की अपील की है, ऐसे में उसे खुद एक आदर्श नियोक्ता के तौर पर कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में कटौती नहीं करनी चाहिए।

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