निजी कंपनी कर्मी भी चाहते हैं केंद्रीय कर्मियों की तरह वेतन बढ़ोतरी

केंद्रीय कर्मचारियों के लिऐ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद निजी क्षेत्र के कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिऐ सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद निजी क्षेत्र के कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इन सिफारिशों के बाद कंपनियों के मालिक कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन और काम के प्रति उनकी अनिच्छा महसूस कर रहे हैं। एक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है।
टाइम्स जॉब डॉट कॉम के सर्वेक्षण के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को 23.55 फीसद वेतन वृद्धि का उपहार मिलने के बाद निजी क्षेत्र के 70 फीसद से अधिक कर्मचारियों ने निजी क्षेत्र में नौकरी पर निराशा जताई है। टाइम्स जॉब डॉट कॉम के मुख्य परिचालन अधिकारी विवेक मधुकर ने कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में अंधाधुंध वृद्धि से निजी क्षेत्र के कर्मचारियों में पैदा निराशा के भाव को साफ महसूस किया जा सकता है। उद्योग जगत मालिकों को कर्मचारियों के इस असंतोष का खमियाजा उनके कार्य प्रदर्शन और प्रेरणा में कमी के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
सर्वेक्षण में 68 फीसद का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन में प्रस्तावित वृद्धि अनुचित है। 47 फीसद का मानना है कि वेतन वृद्धि का कर्मचारियों के कामकाज से कोई मेल नहीं है जबकि 30 फीसद महसूस करते हैं कि इस भारी वृद्धि के बाद सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की आय में असमानता और बढ़ जाएगी। निजी क्षेत्र में नई-नई नौकरी पाने वाले 80 फीसद ने कहा है कि निजी क्षेत्र में नौकरी पाकर वह निराश हैं। 75 फीसद मध्यम और वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों ने भी इसी तरह की धारणा व्यक्त की है।
इसके साथ ही अध्ययन में भाग लेने वाले सभी लोगों ने कहा है कि निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी केंद्र सरकार की ही तरह न्यूनतम वेतन बढ़ाना चाहिए। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों ने यह भी माना कि निजी क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने की अधिक गुंजाइश मिलती है।

 

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