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7th Pay Commission: आम बजट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ली तीसरी बैठक, केंद्रीय कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी!

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today 2019, 7th Pay Commission Latest Hindi News: सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्री को इससे पहले बजट संबंधी बैठकों में कई मुद्दों से अवगत कराया था, जिनमें केंद्रीय कर्मचारियों का मसला भी रहा। हालांकि, इस बारे में कितनी और क्या बात हुई? इसकी फिलहाल आधिकारिक जानकारी नहीं है।

7th Pay Commission: नई दिल्ली में गुरुवार को आम बजट को लेकर बैठक लेतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटोः टि्वटर/@FinMinIndia)

7th Pay Commission, 7th CPC Latest News Today 2019, 7th Pay Commission Latest Hindi News: वित्त वर्ष 2019-20 के आम बजट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (13 जून, 2019) को एक बैठक ली। नई दिल्ली में हुई यह उनकी बजट से पहले लिए जाने वाले सलाह-मशविरों से जुड़ी तीसरी मीटिंग रही। सीतारमण के अलावा इसमें वित्तीय और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर समेत अन्य आलाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आम बजट को लेकर गहनता से चर्चा हुई।

सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्री को इससे पहले बजट संबंधी बैठकों में कई मुद्दों से अवगत कराया था, जिनमें केंद्रीय कर्मचारियों का मसला भी रहा। हालांकि, इस बारे में कितनी और क्या बात हुई? इसकी फिलहाल आधिकारिक जानकारी नहीं है। पर माना जा रहा है कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को किसी भी हाल में निराश नहीं करना चाहेगी।

इससे पहले, सीतारमण ने नया मंत्रालय मिलने पर जब दफ्तर में प्रभार संभाला था, तब पहले ही दिन उन्हें सहयोगियों ने सातवें वेतन आयोग और केंद्रीय कर्मचारियों के मुद्दे पर ब्रीफिंग दी थी। साथ ही मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह ने भी एक बैठक के दौरान साफ संकेत दिए थे कि केंद्र इस मसले पर बेहद गंभीर है।

दरअसल, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से न्यूनतम वेतन बढ़ाने और फिटमेंट फैक्टर दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। मौजूदा समय में 18 हजार रुपए उनका मिनिमम बेसिक पे है, जबकि उनकी मांग इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपए किए जाने की है।।

इसी बीच, सूत्रों के हवाले से कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सरकार वेतन बढ़ोतरी में थोड़ा समय ले सकती है। यह समय चार से छह महीनों के आसपास बताया जा रहा था, क्योंकि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी के संबंध में किसी भी बड़े फैसले से सरकारी खजाने पर खासा प्रभाव पड़ेगा।

यह भी कहा जा रहा था कि अगर सरकार जल्दबाजी में इस बाबत कोई निर्णय लेगी, तो उससे कर्मियों को अधिक लाभ नहीं होगा। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा महज दो हजार रुपए मिनिमम पे में बढ़ाने के कयास लगाए थे, जबकि मांग 18 हजार से बढ़ाकर 26 हजार किए जाने की है।

एक्सपर्ट्स की मानें तो केंद्रीय कर्मचारियों की संख्या सरकार के अच्छा खासा वोटबैंक के रूप में भी देखी जाती है, लिहाजा वह किसी भी हालत में इस वर्ग को निराश नहीं करना चाहेगी। पिछले कार्यकाल में किन्हीं कारणों और बाद में चुनावी आचार संहिता के चलते वेतन बढ़ोतरी के फैसले में देरी हुई, पर इस मोदी के दूसरे कार्यकाल में इस मसले पर बड़े फैसले की उम्मीद आगामी महीनों में की जा रही है। सरकार के पास इसके लिए एक खास फॉर्म्युला भी है, जिसे आरकाइड फॉर्म्युला बताया गया था।

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