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कोरोना कंटेनमेंट जोन में रहने वाले अपने कर्मचारियों को रेलवे ने दी यह बड़ी राहत, ऑफिस आने की जरूरत नहीं

7th Pay Commission railway employees: बोर्ड ने कहा कि सभी नियंत्रक अधिकारियों को मॉनिटर करना होगा कि कर्मचारियों का क्या स्टेटस है। यदि वे ऐसे किसी इलाके में रहते हैं, जिसे कोरोना के चलते कंटेनमेंट घोषित किया गया है तो उन्हें घर से ही काम करने को कहा जाए।

corona7th Pay Commission: कंटेनमेंट जोन में रहने वाले कर्मचारियों को रेलवे ने दिया घर में रहने का आदेश (फोटो: जयपाल सिंह، इंडियन एक्सप्रेस)

7th Pay Commission 7th cpc latest news in hindi today 2020: रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को आदेश जारी कर कहा है कि ऐसे लोग जिनके इलाके कोरोना कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं, उन्हें दफ्तर आने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने 2020 के ऑर्डर संख्या 32 और 33 में कहा है कि राज्य और जिला प्रशासन की ओर से जिन इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है, उन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ऑफिस आना जरूरी नहीं है। बोर्ड ने अपने आदेश में कहा कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले अधिकारियों को अपने रिपोर्टिंग ऑफिसर को सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा कि वे कंटेनमेंट जोन में रहते हैं और उन्हें कोरोना फ्लू के लक्षण हैं। इसके अलावा सभी शाखाओं के इंचार्ज कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने या फिर न बुलाने को लेकर फैसला ले सकते हैं।

बोर्ड ने कहा कि सभी नियंत्रक अधिकारियों को मॉनिटर करना होगा कि कर्मचारियों का क्या स्टेटस है। यदि वे ऐसे किसी इलाके में रहते हैं, जिसे कोरोना के चलते कंटेनमेंट घोषित किया गया है तो उन्हें घर से ही काम करने को कहा जाए। ऐसे अधिकारियों का दफ्तर में आना जरूरी नहीं है। बोर्ड ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि ऐसे कर्मचारियों पर नजर रखनी चाहिए, जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं या फिर बुखार आदि है। यदि ऐसा कुछ भी है तो कर्मचारियों को घर से ही काम करने को कहा जाए और ऑफिस न आने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

रेलवे बोर्ड ने कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी में कोरोना के कोई लक्षण पाए जाते हैं तो उसके बारे में तत्काल कंट्रोलिंग ऑफिसर्स को एडमिनिस्ट्रेशन को जानकारी देनी चाहिए। इसके बाद कर्मचारी को घर से ही काम करने और ऑफिस न आने को कहा जाए। रेलवे बोर्ड ने कहा कि इस आदेश का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। बता दें कि कोरोना के संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपने 50 फीसदी कर्मचारियों को ही ऑफिस आने को कहा है।

केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों जारी आदेश में कहा गया था कि पहले से किसी बीमारी का इलाज करा रहे कर्मचारियों को ऑफिस आने से छूट मिलेगी। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं एवं दिव्यांग कर्मचारियों को भी लॉकडाउन की अवधि के दौरान ऑफिस आने से राहत दी गई है।

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