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7th Pay Commission: कैसे कैलकुलेट होता है HRA और कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी, जानिए

7th CPC Central Pay Commission HRA: केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग द्वारा की गई सिफारिशों को 34 संशोधन के बाद लागू किया है।

7th Pay Commission: कैसे कैलकुलेट होता है HRA और कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी, जानिए
तस्‍वीर का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।

सरकार ने कर्मचारियों के भत्तों के बारे में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 34 संशोधनों के साथ भत्तों पर आज मंजूरी दे दी। इससे केंद्र सरकार के 48 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। कर्मचारियों का बढ़ा हुआ भत्ता एक जुलाई से लागू होगा। इससे सरकारी खजाने पर 30,748 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। संशोधन भत्तों पर गठित समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इन संशोधनों से भत्तों पर सातवें वेतन आयोग के सुझावों को लागू करने में 1,448 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सातवें वेतन आयोग द्वारा बेसिक पे का 24%, 16% और 8% एचआरए के रूप में देने की सिफारिश की गई थी जो सरकार ने मान ली है। हालांकि एचआरए का प्रतिशत कर्मचारी की नियुक्ति वाले शहर पर आधारित होगा। सातवें वेतन आयोग में न्‍यूनतम वेतन 18,000 रुपए है इसलिए कम से कम 5400, 3600 और 1800 रुपए बतौर एचआरए नहीं मिलेगा।

आइए अब आपको समझाते हैं कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद आपके वेतन पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा। साथ ही HRA व अन्‍य भत्‍तों को तकनीकी जटिलता से अलग, आसान भाषा में समझने के लिए पढ़‍िए यह रिपोर्ट:

HRA: एचआरए का मतलब होता है हाउस रेंट अलॉएंस। एक कंपनी में इम्प्लॉयर द्वारा इसे इम्प्लॉय को दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारी के हाउस रेंट को पूरा कराने का होता है। यह किसी की सैलरी पैकेज का हिस्सा होता है जो रेंट एकॉमोडेशन के लिए दिया जाता है। वहीं इसे क्लेम करने के लिए भी अलग-अलग मानक हैं। अगर आप अपने माता पिता के साथ रहते हैं और रेंट भरते हैं तो इस स्थिति में आप किराएदार होते हैं और माता-पिता मकान मालिक। वहीं अगर आप अपनी पत्नी या पति के लिए रेंट भर रहे हैं तो वो क्लेम नहीं किया जा सकता क्योंकि, पति-पत्नी का रिश्ता कमर्शियल नेचर का नहीं माना जाता। दोनों को साथ में ही रहना होता है इसलिए टैक्स विभाग स्पाउस को दिए गए रेंट को मान्य नहीं मानेगा।

रेंट रिसिप्ट/एग्रीमेंट का महत्व: 

एचआरए क्लेम करने के लिए आपको रेंट रिसिप्ट दिखाना जरूरी है। इनके बिना आप एचआरए क्लेम नहीं कर सकते। अगर रिसिप्ट नहीं हैं तो रेंट एग्रीमेंट जरूरी होता है। वहीं एचआरए अगर 3000 रुपये प्रति महीना है तो रिसिप्ट/एग्रीमेंट जरूरी नहीं होता। वहीं कई बार लोग लापरवाही के चलते रीसिप्ट/एग्रीमेंट को संभालकर नहीं रखते लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं। इनकम टैक्स विभाग द्वारा इसकी मांग कभी भी की जा सकती है इसलिए यह जरूरी है कि इन्हें संभालकर रखा जाए।

सियाचीन भत्‍ता:

वित्त मंत्रालय के मुताबिक सेना के जवानों के लिए सियाचीन भत्ता को 14 हजार रुपये प्रति महीना से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति महीना कर दिया गया है। जबकि सेना के अफसरों के लिए ये भत्ता 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 42 हजार 500 रुपये हर महीना कर दिया गया है।

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First published on: 28-06-2017 at 08:49:12 pm