पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत जून में 73 करोड़ गरीबों को मिला मुफ्त राशन, जानें- कब तक चलेगी स्कीम

खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल और मई महीने में 75-75 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया है। इसके अलावा जून में 73 करोड़ गरीबों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कवर किया गया है।

pm garib kalyan anna yojana
अप्रैल और मई में 75 करोड़ गरीबों में बंटा मुफ्त राशन

कोरोना संकट के बीच 24 मार्च से 30 जून के दौरान फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने 139 लाख मीट्रिक टन राशन की सप्लाई देश भर में की है। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त और सब्सिडी में राशन बांटे जाने के लिए यह सप्लाई की गई है। देश भर में 91,874 ट्रकों और 5,000 रेक्स के जरिए भारतीय खाद्य निगम ने यह आपूर्ति की है। यही नहीं अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में जहाजों के जरिए राशन भेजा गया है। राशन की इस सप्लाई में रेलवे, एयर फोर्स और जहाजरानी मंत्रालय ने अहम भूमिका अदा करने का काम किया है। सरकार की ओऱ से दी गई जानकारी के मुताबिक देश भर में 5.4 लाख उचित मूल्य की राशन की दुकानों से खाद्य सामग्री देश के गरीब तबके के लोगों को मुहैया कराई गई।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि माइक्रोसेव कंसल्टिंग समेत कई एजेंसियों के सर्वे में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना की सफलता की बात कही गई है। बता दें कि कोरोना संकट से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते गरीबों को बड़े पैमाने पर अपना रोजगार गंवाना पड़ा था। इस अवधि में पलायन का संकट भी पैदा हुआ था। ऐसे में गरीबों को मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से जून तक के लिए पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का ऐलान किया गया था। इसके बाद इस स्कीम को एक बार फिर से विस्तार देते हुए नवंबर तक के लिए बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत हर महीने 81 करोड़ गरीबों को 5 किलो मुफ्त गेहूं या चावल और एक किलो चना देने का फैसला लिया गया है।

यही नहीं पहले से सब्सिडी पर मिलने वाले 5 किलो राशन को भी जारी रखने का फैसला लिया गया है। इस स्कीम में नेशनल फूड सिक्योरिटी ऐक्ट के तहत आने वाले लोगों और अंत्योदय योजना के लाभार्थियों को भी शामिल किया गया है। खाद्य आपूर्ति मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल और मई महीने में 75-75 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया है। इसके अलावा जून में 73 करोड़ गरीबों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कवर किया गया है।

पढें व्यापार समाचार (Business News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।