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7th Pay Commission: इन 6 प्‍वाइंट्स से समझिए वेतन, पेंशन और भत्‍तों में बदलाव का मतलब

वेतन और भत्‍तों में न्‍यूनतम 23.5 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी होगी, यह पिछले 70 सालों में सबसे कम है।

Author नई दिल्‍ली | Updated: July 6, 2017 7:17 PM
7th Pay Commission: एंट्री लेवल कर्मचारियों के लिए न्‍यूनतम वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह हो गया है। अभी तक यह 7,000 रुपए प्रतिमाह था। (EXPRESS ARCHIVE)

सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देकर एक करोड़ से ज्‍यादा कर्मचारियों और पेंशनरों को तोहफा दिया है। इससे करदाताओं पर एक लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्‍त बोझ पड़ेगा, जो कि हमारी जीडीपी का 0.7 प्रतिशत है। यह बदलाव एक जनवरी, 2016 से लागू होंगे। आयोग की ओर से बेसिक पे में हर साल 14.27 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी की सिफारिश की गई है। सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्‍त खर्च का 73,560 करोड़ आम बजट से तथा 28,450 करोड़ रुपए रेलवे से निकाला जाएगा। आइए आपको बताते हैं कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद आपके वेतन, पेंशन और भत्‍तों पर क्‍या असर पड़ेगा।

एक तरफ जहां वेतन में 23.5 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी की गई हैं, वहीं पेंशन व इंश्‍योरेंस के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने सैलरी की बढ़ोतरी का पैमाना मैट्रिक्स सिस्टम के आधार पर करने की पे कमीशन की सिफारिश मान ली है। मतलब सरकार महंगाई, इकॉनमी की हालत और परिस्थितियों को देखते हुए सैलरी बढ़ाने के लिए मैट्रिक्स तय करेगी। इस बार मैट्रिक्स 2.57 तय किया गया है। फिलहाल मौजूदा न्‍यूनतम सैलरी 7000 रुपये है, इसे अगर 2.57 से गुणा कर दिया जाए तो यह 18,000 रुपये बैठता है। अब यही न्‍यूनतम सैलरी होगी।

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बीमार रहने की सूरत में भी कर्मचारियों को पूरा वेतन मिलेगा। इसके लिए मेडिकल लीव सिस्टम में बदलाव किया गया है। अब हॉस्पिटल लीव, स्पेशल डिसेब्लिटी लीव और सिक लीव को मिलकर अब एक नया छुट्टी का ढांचा बना दिया गया है, जिसे वर्क रिलेटेड इलनेस एंड इंजरी लीव का नाम दिया गया है। यह छुट्टी लेने पर कर्मचारी को चिकित्सा के दौरान भी पूरी सैलरी और भत्‍ते मिलते रहेंगे।

केंद्रीय कर्मचारियों को घर बनाने में आसानी होगी। नई सैलरी के आधार पर अब उन्हें घर बनाने के लिए साढ़े सात लाख की जगह 25 लाख तक का अडवांस मिल सकेगा। इसके अलावा सिर्फ मेडिकल, ट्रांसफर या सरकारी दौरे, किसी की आकस्मिक मौत पर या फिर एलटीसी मद में ब्याज रहित एडवांस मिलेगा। इसके अलावा बाकी सभी एडवांस को समाप्त कर दिया गया है। ग्रेच्युटी की सीमा भी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गयी है।

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कर्मचारियों को कोई दिक्कत न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए 4 ब्याज मुक्त अग्रिमों योजनाओं को बरकरार रखा गया है, जिनमें चिकित्सा इलाज के लिए अग्रिम, टूर/स्थानांतरण के लिए टीए, मृतक कर्मचारियों के परिवार के लिए टीए और एलटीसी शामिल हैं।

जब भी कोई केंद्रीय कर्मचारी रिटायर होता है तो जितना वेतन वह ले रहा है और जितनी उसकी बेसिक आय है, उसके आधार पर उसका पेंशन तय होती है। वेतन आयोग की जिन सिफारिशों को मंजूरी दी गई है, उसके अनुसार पेंशनरों के पेंशन में 20 से 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव है।

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196 भत्तों में 51 भत्तों को समाप्त करने और 37 भत्तों को एक करने के आयोग के प्रस्ताव को सरकार ने नहीं माना है। इस पर विचार के लिए फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा की अगुवाई में एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 4 महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी, जिसके आधार पर इन्हें खत्म करने का फैसला किया जाएगा। तब तक सभी भत्ते कायम रहेंगे।

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