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शादी करने के बाद करेंगे ये 5 काम, नहीं होगी पैसे की कमी

अगर आप शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो सबसे पहले अपनी फाइनैंशल स्थिति देख लें।

एक दूसरे की वित्तीय हालत की जानकारी दोनों को भविष्य के खर्च की प्लानिंग करने में मदद करती है।

आदिल शेट्टी

शादी से पहले बहुत तैयारियां करनी होती हैं। शादी के बाद जिंदगी भर साथ रहने के लिए बहुत सी चीजें जरूरी होती हैं। इसमें पैसा एक बड़ा फेक्टर होता है। अगर आप शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो सबसे पहले अपनी फाइनैंशल स्थिति देख लें। आज हम कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि शादी के बाद आपके बहुत काम आने वाली हैं।

फाइनैंशल हालत: आपको यह हमेशा सलाह दी जाती है कि आप अपने पति या पत्नी के साथ अपनी वित्तीय स्थिति साझा करें। विवरण साझा करने में किसी प्रकार की अस्पष्टता एक रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकती है। एक दूसरे की वित्तीय हालत की जानकारी दोनों को भविष्य के खर्च की प्लानिंग करने में मदद करती है।

लोन आदि के बारे में लिखित ब्योरा रखें :
आम तौर पर लोगों को अपनी देनदारियों को छिपाने की प्रवृत्ति होती है और खुद को अच्छे फाइनैंशल बैकग्राउंड के साथ प्रोजेक्ट करते हैं। यह लंबे समय तक आपके नए रिश्ते में मदद नहीं करेगा। एक-दूसरे की फाइनैंशल लाइबिलिटी, लोन, दायित्वों से पति या पत्नी को शादी के बाद आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। एक लोन या फाइनैंशल लाइबिलिटी जरा भी शर्म की बात नहीं है।

बैंक खातों की डिटेल्स साझा करें: दोनों लोगों को आपस में अपने सभी बैंक खातों के विवरण साझा करने चाहिए। इसके अलावा आप अपने जीवनसाथी के लिए एक खाता खोल सकते हैं, यदि उनके पास कोई खाता नहीं है या आप एक जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। इससे बचत और व्यय के मामले में दोनों को वित्तीय रूप से एक- दूसरे की स्थिति के बारे में जानने में मदद मिलेगी।

इनवेस्टमेंट करें, यदि नहीं है तो: जब आप अकेले हों, तो आप इनवेस्टमेंट करने के इच्छुक नहीं हो सकते हैं या आप रिटर्न-बैकड पॉलिसियों में निवेश कर सकते हैं। शादी के बाद आपको निवेश करने के मामले में सक्रिय होना चाहिए ताकि भविष्य की जरूरतों या जोखिमों से निपटने में आसानी हो सके। आप किसी भी प्रकार के जोखिम को कवर करने के लिए लाइफ इंश्योरेंश या हेल्थ इंश्योरेंश ले सकते हैं।

फालतू पैसा खर्च न करें:
आप सावधानी से खर्च करें। ऐसा करते समय परिवार के बजट के अनुसार खर्च या फाइनैंशल मैनेजमेंट करने के लिए कुछ बुनियादी नियम बनाना समझदारी होगी। इससे वित्तीय दुरोपयोग से बचने में मदद मिलेगी। आप फिजूलखर्ची से बचने के लिए हर खर्च के लिए बजट भी बना सकते हैं।
लेखक बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ हैं।

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