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बिल्डर ने नहीं चुकाई लोन की किश्त, बैंक ने 200 परिवारों को भेज दिया घर खाली करने का नोटिस

बैंक की तरफ से भेजे गए दस्तावेजों में कहा गया कि डेवलपर गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड ने 31 दिसंबर, 2015 को बैंक से 78.45 करोड़ रुपए का लोन लिया था और तब से कोई वापसी भुगतान बैंक को नहीं किया गया।

Author नई दिल्ली | August 14, 2019 10:38 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

बिल्डर द्वारा समय पर लोन की किश्त नहीं चुकाने पर नोएडा की हाउसिंग सोसायटी के 200 से अधिक परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडराने लगा है। साल 2015 से सोसायटी में रह रहे इन परिवारों को एक बैंक ने नोटिस भेजा है और 20 अगस्त तक अपने-अपने घर खाली करने को कहा है। टीओआई में छपी खबर के मुताबिक सेक्टर 75 में गार्डेनिया गेटवे सोसाइटी में रह रहे इन परिवारों को पांच अगस्त को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से ये नोटिस भेजे गए।

बैंक की तरफ से भेजे गए दस्तावेजों में कहा गया कि डेवलपर गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड ने 31 दिसंबर, 2015 को बैंक से 78.45 करोड़ रुपए का लोन लिया था और तब से कोई वापसी भुगतान बैंक को नहीं किया गया। डेवलपर ने लोन लेने के लिए प्रोजेक्ट को गिरवी रख दिया था। नोटिस में कहा गया कि बैंक के पास अब यह अधिकार है कि प्रॉपर्टी को जब्त कर कर्ज वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करे।

अब उन 200 घरों के खरीदार सकते में हैं, उन्होंने कहा कि डेवलपर ने प्रोपर्टी बैंक का पास गिरवी रखी थी और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। घरों के मालिकों का कहना है कि उन्हें कभी ऐसे नोटिस की उम्मीद नहीं थी। फिलहाल कानूनी समाधान के उपाय से इस मुसीबत से बचने के बारे में विचार किया जा रहा है।

मामले में वेलफेयर असोसिएशन ऑफ गार्डेनिया गेटवे के अध्यक्ष बीएस लवानिया ने कहा कि ‘हम पूरी तरह हैरान हैं। हमने घर मिलने से पहले सारा पैसा बिल्डर को चुका दिया था। बिल्डर के गुनाह का खामियाजा खरीदार क्यों भुगते? हमें नहीं पता कि घर खरीदारों को अब और कौन सी मुसीबत का सामना करना है।’ वहीं गार्डेनिया गेटवे के एडिशनल डायरेक्टर सुरेंदर देबल ने कहा कि कंपनी बकाया भुगतान के लिए बैंक के साथ चर्चा कर रही है।

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