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महंगाई की एक और मार: 143  चीजों पर जीएसटी बढ़ाने की तैयारी, जानिए क्या है लिस्ट में

GST Hike News: जीएसटी काउंसिल की ओर से अधिकतर उन्हीं वस्तुओं पर कर की दर को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है जिन पर सरकर ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले नवंबर 2017 और दिसंबर 2018 में कर की दर को घटा दिया था।

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सांकेतिक फोटो (एक्सप्रेस फोटो: प्रेम नाथ पाण्डेय)

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की मई में होने वाली बैठक से पहले सरकार ने राज्यों से जीएसटी के तहत आने वाली 143 वस्तुओं पर कर दर बढ़ाने को लेकर को सुझाव मांगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इन वस्तुओं में पापड़, गुड़, पॉवर बैंक, घड़ियां, सूटकेस, हैंडबैग्स, इत्र, टीवी( 32 इंच से कम के), चॉकलेट्स, चेविंग गम, अखरोट, कस्टर्ड पाउडर. नॉन- अल्कॉहोलिक ड्रिंक्स, वॉश बेसिन, चश्में, चश्मों के फ्रेम, कपड़े और चमड़े से बने सामान शामिल हो सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, जिन 143 वस्तुओं के कर दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। उसमें से 92 फीसदी वस्तुओं को 18 फीसदी से 28 फीसदी कर दर में हस्तांतरित करने की बात कही गयी है।

जीएसटी काउंसिल की ओर से अधिकतर उन्हीं वस्तुओं पर कर की दर को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है जिन पर सरकर ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले नवंबर 2017 और दिसंबर 2018 में कर की दर को घटा दिया था।

इत्र, चमड़े से बने सामान, चॉकलेट्स, कोको पाउडर, ब्यूटी और मेक-उप का सामान, पटाखे,लैम्प्स और साउंड रिकॉर्डिंग उपकरण पर कर की दर को नवंबर 2017 में घटा दिया गया था जबकि इसी प्रकार टीवी और मॉनिटर (32 इंच से कम), डिजिटल एंड वीडियो कैमरा रिकॉर्डर, पॉवर बैंक पर दिसंबर 2018 में जीएसटी की दर को घटाया गया था, जिसे अब बढ़ाने की तैयारी चल रही है।

अब तक जीएसटी के दायरे से बाहर रहे पापड़ और गुड़ पर कर की दर को 0 से 5 फीसदी किया जा सकता है जबकि चमड़े से बने कपडें, हाथ में पहनी जाने वाली घडियां, इत्र, प्री-शेव/आफ्टर शेव, डेंटल फ़्लॉस, चॉकलेट्स, कोको पाउडर, वॉश बेसिन, नॉन अल्कॉहोलिक ड्रिंक्स, हैंडबैग्स, प्लाईवुड आदि पर जीएसटी की दर को बढ़ाकर 18 फीसदी से 28 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया गया है।

अखरोट पर जीएसटी की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी जबकि कस्टर्ड पॉवर पर 5 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी और किचन में लगने वाले लकड़ी के सामान पर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया गया है।

गौरतलब है कि मार्च में जीएसटी कलेक्शन अपने रिकॉर्ड स्तर 1.42 लाख करोड़ पर पहुंच गया था जो मार्च 2021 से 14.7 फीसदी और मार्च 2020 से 45.6 फीसदी अधिक था।

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