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आज से नहीं रहे इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, ओरिएंटल बैंक समेत ये बैंक, 10 मिलकर हुए 4, जानें- देश की बैंकिंग व्यवस्था में हुए क्या बदलाव

Merger of 10 Banks: देश के 10 सरकारी बैंक आज से विलय के बाद 4 बैंकों में तब्दील हो गए हैं। इस विलय के साथ ही इन बैंकों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो गया है। अब ऐसे बैंकों की शाखाएं उन उन बैंकों के नाम से चलेंगी, जिनमें उनका विलय हुआ है।

आज से नहीं रहे ये बैंक, जानें- कितनी बदली देश की बैंकिंग व्यवस्था

Merger of 10 Banks: देश के 10 सरकारी बैंक आज से विलय के बाद 4 बैंकों में तब्दील हो गए हैं। इस विलय के साथ ही इन बैंकों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो गया है। अब ऐसे बैंकों की शाखाएं उन उन बैंकों के नाम से चलेंगी, जिनमें उनका विलय हुआ है। जैसे इलाहाबाद बैंक की सभी शाखाएं अब इंडियन बैंक की ब्रांच कहलाएंगी। हालांकि यदि पहले से दोनों बैंकों की शाखाएं आसपास ही स्थित थीं तो फिर किसी एक शाखा को बंद किया जाएगा। इसके अलावा ग्राहक भी उस बैंक के कस्टमर कहलाएंगे, जिसमें दूसरे बैंक का विलय हुआ हो। इन बैंकों के विलय का ऐलान केंद्र सरकार की ओर से बीते साल अगस्त में किया गया था। इसके बाद मार्च में ही केंद्रीय कैबिनेट की ओर से इस फैसले को मंजूरी दी गई थी।

इससे पहले भी देश के कई बड़े बैंकों का आपस में विलय हो चुका है। बीते 3 सालों में ही सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 27 से 12 हो गई है। सबसे पहले 2017 में भारतीय स्टेट बैंक में 5 सहायक बैंकों एवं भारतीय महिला बैंक का विलय हो गया था। इसके बाद बीते साल बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का विलय हुआ था। आइए जानते हैं, इन बैंकों के विलय के साथ आज से देश की बैंकिंग व्यवस्था में क्या बदल गया…

अब पंजाब नेशनल बैंक एसबीआई के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक हो गया है। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की शाखाएं अब पीएनबी की ब्रांच कहलाएंगी। पीएनबी का कारोबार 17.95 लाख करोड़ रुपये का होगा और 11,437 शाखाएं होंगी।

कैनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय हो जाएगा। यह अब देश का चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है, जिसका कारोबार 15.20 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा देश भर में इस बैंक की 10.324 शाखाएं होंगी।

इलाहाबाद बैंक अब इंडियन बैंक में समाहित हो चुका है। इंडियन बैंक अब देश का 7वां सबसे बड़ा बैंक है, जिसका कारोबार 8.08 लाख करोड़ रुपये है।

आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय हो चुका है। इसका कारोबार 14.59 लाख करोड़ रुपये और कुल 9,609 शाखाएं हैं।

सरकार ने बैंकों के विलय के लिए 68,855 करोड़ रुपये की पूंजी डाली है। इसके तहत पीएनबी को 16,091 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 11,768 मिले हैं। इसके अलावा कैनरा बैंक में सरकार ने 6,571 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक में 2,534 करोड़ रुपये डाले हैं। इसी तरह अन्य बैंकों में भी सरकार ने पूंजी डाली है।

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