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बड़े बिजली बिल वालों को भरना होगा आयकर रिटर्न

विदेश यात्रा पर दो लाख से अधिक खर्च किए या आपका बिजली बिल साल में एक लाख रुपए से अधिक का है या आपने साल भर में बैंक में एक करोड़ रुपए से अधिक जमा कराए हैं तो भले आपकी कर योग्य आय पांच लाख रुपए से कम हो, आपको आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य होगा।

Author July 8, 2019 4:59 AM
बजट के साथ प्रस्तुत वित्त विधेयक (दो)-2019 में आयकर अधिनियम की धारा-139 में कुछ संशोधन के प्रस्ताव हैं।

अगर आपने विदेश यात्रा पर दो लाख रुपए से अधिक खर्च किए हैं या आपका बिजली का बिल साल में एक लाख रुपए से अधिक का है या आपने साल भर में बैंक में एक करोड़ रुपए से अधिक जमा कराए हैं तो भले आपकी कर योग्य आय पांच लाख रुपए सालाना से कम हो, आपके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा। 2019-20 के बजट में कर अपवंचन रोकने और कर आधार बढ़ाने के मकसद से ये प्रस्ताव किए गए हैं।

बजट के साथ प्रस्तुत वित्त विधेयक (दो)-2019 में आयकर अधिनियम की धारा-139 में कुछ संशोधन के प्रस्ताव हैं। इसके तहत कुछ मदों पर किसी के द्वारा एक निश्चित राशि से अधिक का लेन-देन करने पर आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य होगा। इसके अनुसार कोई व्यक्ति एक साल में बैकिंग कंपनी या सहकारी बैंक में एक या एक से अधिक चालू खाते में एक करोड़ से अधिक की राशि जमा कराता है तो उसे आयकर विवरण देना अनिवार्य होगा। कोई व्यक्ति खुद की या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर दो लाख रुपए से अधिक खर्च करता है, उसे भी आयकर विवरण देना होगा। किसी व्यक्ति का सालाना बिजली उपभोग बिल एक लाख रुपए से अधिक है तो उसे भी आयकर रिटर्न भरना होगा। इन तीनों प्रस्तावों के तहत उक्त व्यक्ति की सालाना कर योग्य आय पांच लाख रुपए से कम है तो भी उसे आयकर विवरण देना अनिवार्य होगा।

आयकर अधिनियम की धारा-54 के तहत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर छूट का दावा करने वाले व्यक्तियों को भी आयकर विवरण देना होगा। इस समय पूंजीगत लाभ को मकान, कतिपय बांड जैसी परिसंपत्तियों में निवेश पर आयकर में छूट मिल जाती है। इसके लिए उन्हें आयकर विवरण दाखिल नहीं करना होता है। ये सभी संशोधन 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी होंगे और 2020-21 और उसके बाद के वर्षों के लिए लागू होंगे। बजट में देश में नकद लेन-देन की प्रवृत्ति को सीमित करने के लिए आयकर अधिनियम में एक नई धारा-194 एन जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके तहत किसी व्यक्ति द्वारा बैंक या सहकारी बैंक या डाकघर के खातों से साल भर में एक करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी की निकासी पर दो फीसद की दर से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) करने की सिफारिश की गई है। यह प्रावधान सरकार, बैंकिंग कंपनी, बैंकिंग कार्य में लगी सहकारी समिति, डाकघर, बैंकिंग प्रतिनिधि और वाइट लेबल एटीएम परिचालन करने वाली इकाइयों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि व्यवसाय के तहत उन्हें भारी मात्रा में नकद धन का इस्तेमाल करना होता है।

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