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बजट 2019: अटल की ‘नदी जोड़ो’ परियोजना के लिए मात्र एक लाख रुपए

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने नदियों को आपस में जोड़ने की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल की थी और इसके बाद 2014 में भाजपा नीत राजग सरकार के दौरान काम को आगे बढ़ाया गया, लेकिन अभी तक यह कार्य जमीन पर नहीं उतर पाया है।

Author July 8, 2019 5:23 AM
सामान्य बजट के व्यय संबंधी दस्तावेज के अनुसार, नदियों को आपस में जोड़ने की योजना के मद में 2019-20 के लिए एक लाख रुपए रखे गए हैं।

सरकार का आम बजट भले ही 27.86 लाख करोड़ रुपए का हो, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी ‘नदी जोड़ो’ परियोजना के लिए इसमें मात्र एक लाख रुपए रखे गए हैं। राजग सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में देश की नदियों को आपस में जोड़ने की महत्वकांक्षी योजना को जोर-शोर से आगे बढ़ाया था, लेकिन इस बार के बजट में इसके लिए काफी कम धनराशि रखी गई है। सामान्य बजट के व्यय संबंधी दस्तावेज के अनुसार, नदियों को आपस में जोड़ने की योजना के मद में 2019-20 के लिए एक लाख रुपए रखे गए हैं।

गौरतलब है कि भारत में ‘नदी जोड़ो’ का विचार सर्वप्रथम 1858 में ब्रिटिश सिंचाई इंजीनियर सर आर्थर थॉमस कॉटन ने दिया था। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने नदियों को आपस में जोड़ने की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल की थी और इसके बाद 2014 में भाजपा नीत राजग सरकार के दौरान काम को आगे बढ़ाया गया, लेकिन अभी तक यह कार्य जमीन पर नहीं उतर पाया है।

लोकसभा में नदियों को आपस में जोड़ने के विषय पर 27 जून 2019 को कौशलेंद्र कुमार के एक प्रश्न के उत्तर में जल शक्तिराज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा था, ‘नदी जोड़ो परियोजना के कार्यान्वयन में कई चरण होते हैं। किसी परियोजना के कार्यान्वयन का चरण संबंधित राज्यों के साथ सर्वसम्मति प्राप्त होने के बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने और वैधानिक मंजूरी के बाद पूरा होगा । इस प्रकार परियोजना के कार्यान्वयन में अलग-अलग समय लगेगा।’

सरकार ने निचले सदन में बताया था कि अगस्त 1980 में तत्कालीन सिंचाई मंत्रालय (अब जल शक्ति मंत्रालय) ने अंतर बेसिन जल अंतरण के जरिए जल संसाधनों के विकास के लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (एनपीपी) तैयार की थी, जिसका उद्देश्य जल की अधिकता वाले बेसिनों से जल की कमी वाले बेसिनों में जल अंतरण करना था। एनपीपी के तहत राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने साध्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए 30 नदियों को जोड़ने के लिए पहचान की थी, जिसमें 16 प्रायद्वीपीय और 14 हिमालयी घटक वाली नदियां हैं। अंतर जल बेसिन में जल अंतरण के लिए 30 नदियों को जोड़ने की योजना की साध्यता रिपोर्ट पूरी कर ली गई है। इनमें प्रायद्वीपीय घटक के तहत महानदी-गोदावरी नदी जोड़, गोदावरी-कृष्णा नदी जोड़, गोदावरी-कृष्णा (नागार्जुन सागर) नदी जोड़ शामिल हैं। जल शक्तिमंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनमें केन बेतवा नदी जोड़ परियोजना की साध्यता रिपोर्ट के साथ प्रथम और द्वितीय चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो गई है।

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