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यूनियन बजट 2017: लोकपाल बजट में 50% की कटौती, सीवीसी के ख़र्च में कोई बदलाव नहीं

वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा केन्द्रीय बजट में 4.29 करोड़ रुपए का आवंटन लोकपाल की स्थापना और निर्माण संबंध खर्चे के लिए किया गया है।

भ्रष्टाचार रोधी संस्था लोकपाल के बजट में 50 प्रतिशत की कटौती करके इसे 2017-18 के लिए घटाकर 4.29 करोड़ रुपये कर दिया गया है। केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी)को अगले वित्तीय वर्ष के लिए 27.68 करोड़ रुपए आवंटित किये गये हैं। आयोग को 2016.17 के लिए भी इतनी ही राशि दी गई थी। लोकपाल को वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 8.58 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। हालांकि आवंटन बाद में संशोधित करके शून्य कर दिया गया क्योंकि संस्था का गठन नहीं हो पाया। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा केन्द्रीय बजट में 4.29 करोड़ रुपए का आवंटन लोकपाल की स्थापना और निर्माण संबंध खर्चे के लिए किया गया है।

उद्योग जगत ने की सराहना

उद्योग जगत ने वित्त वर्ष 2017-18 के बजट की सराहना की। उद्योग जगत का कहना है कि इससे यह सकारात्मक धारणा बनेगी कि सरकार वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए सभी कदम उठाएगी और विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर ध्यान देगी। हालांकि, उद्योग जगत ने बड़ी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर में कटौती न किए जाने पर निराशा जताई है। बायोकॉन की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शा ने कहा, ‘कुल मिलाकर यह सुरक्षित और संतुलित बजट है। यह अधिक साहसी हो सकता था। ग्रामीण विकास, सस्ते मकानों, कृषि और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए अच्छा आबंटन किया गया है। एमएसएमई क्षेत्र को कुछ प्रोत्साहन दिए गए हैं लेकिन रोजगार सृजन और निवेश से संबद्ध कॉरपोरेट कर कटौती नहीं किया जाना निराशाजनक है।’ हालांकि, उन्होंने छोटी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने की सराहना की।

अलीबाबा मोबाइल बिजनस ग्रुप के जीएम (विदेशी कारोबार) केन्नी ये ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को खत्म करना एक साहसिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि एफडीआई व्यवस्था को और उदार बनाने की घोषणा से विदेशी निवेशक उत्साहित होंगे। चिंटेल इंडिया के प्रबंध निदेशक बजट से रीयएल एस्टेट सेक्टर को लाभ होगा। उन्होंने सस्ते मकान क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्ज दिये जाने तथा सस्ते मकानों की परिभाषा में 30 वर्ग मीटर और 60 वर्गमीटर सुपर एरिया की जगह कार्पेट एरिया रखने संबंधी प्रावधानों का स्वागत किया। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट उद्योग और विदेशी निवेशकों की धारणा को मजबूत करने वाला है। इससे संकेत मिलता है कि सरकार राजकोषीय मजबूती की राह पर कायम रहेगी और वृद्धि को प्रोत्साहन के सभी कदम उठाएगी।

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