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Railway Budget 2017: रेल बजट में इस बार जोर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर

UNION BUDGET 2017: जेटली बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे सकते हैं जिसमें नई रेल लाइनों का विकास, लाइनों का दोहरीकरण, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा उन्नयन शामिल है।
Author February 1, 2017 07:02 am
वित्त मंत्री अरुण जेटली। (फाइल फोटो)

हाल ही में ट्रेनों के पटरी से उतरने के कई हादसों का सामना करने वाली रेलवे के लिए 20000 करोड़ रुपए का सुरक्षा कोष, नई पटरियां बिछाना, स्टेशनों के पुनर्विकास के साथ-साथ रेल विकास प्राधिकरण और उच्च गति रेल प्राधिकरण का गठन इस साल रेल बजट का हिस्सा हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली बुधवार को आम बजट के साथ ही रेल बजट पेश करेंगे। यह पहला मौका है जब रेल बजट का आम बजट में विलय कर दिया गया है। सरकार के सुधार एजंडे को आगे बढ़ाते हुए जेटली इस बार रेल बजट को अलग से पेश की जाने वाली 92 साल पुरानी परंपरा को खत्म करेंगे। इस साल यह आम बजट का ही हिस्सा होगा जिसमें अगले वित्त वर्ष के लिए आम बजट में रेलवे के लिए वित्त, परियोजनाओं और प्रारूप को लेकर कुछ हिस्से होंगे।

जेटली बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे सकते हैं जिसमें नई रेल लाइनों का विकास, लाइनों का दोहरीकरण, स्टेशनों का पुनर्विकास और सुरक्षा उन्नयन शामिल है। सूत्रों के अनुसार हाल में ट्रेनों के पटरियों से उतरने की कई घटनाओं के बाद एक लाख करोड़ रुपए के सुरक्षा कोष का अलग से प्रावधान इस बार के बजट में किया जा सकता है। यह अगले पांच साल के लिए होगा जिसमें 20,000 करोड़ रुपए वित्त वर्ष 2017-18 के लिए होंगे। रेलवे अपने 92 फीसद के परिचालन अनुपात लक्ष्य से भी चूक जाएगा जिसके 94 से 95 फीसद के बीच रहने की संभावना है। बजट 2017-18 में रेल विकास प्राधिकरण के गठन की घोषणा की जा सकती है जो इसके लिए विनियामक का काम करेगा। इसके अलावा उच्च गति रेलप्राधिकरण के प्रबंध निदेशक एवं अन्य निदेशकों के चयन के साथ इस प्राधिकरण के गठन की भी घोषणा किए जाने की संभावना है। बजट में गैर-किराया राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी ध्यान दिया जा सकता है जिसमें खाली पड़ी भूमि का उपयोग और निजी भागीदारी के साथ स्टेशनों का पुनर्विकास शामिल है।

देश के प्रमुख रेलमार्गों पर ट्रेनों की गति बढ़ा कर 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक करने की महत्त्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा भी की जा सकती है जिसमें 21000 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्ग की बाड़बंदी शामिल है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जेटली को 1.19 लाख करोड़ रुपए का विशेष सुरक्षा कोष बनाने के लिए पत्र लिखा था जिसके लिए वित्त मंत्रालय से इस प्रकार के अलग सुरक्षा कोष के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। इस 20,000 करोड़ रुपए के वार्षिक कोष के लिए जहां रेल मंत्रालय को 15,000 करोड़ रुपए का बजटीय समर्थन मिलेगा, वहीं 5,000 करोड़ रुपए रेलवे को अपने आंतरिक स्रोतों से जुटाने होंगे। इसके लिए वह सुरक्षा उपकर या आंतरिक अधिशेष से रकम का प्रावधान कर सकता है।रेलवे का परिचालन अनुपात लक्ष्य 92 फीसद है। अप्रैल-दिसंबर 2016 में उसके यात्रियों की संख्या और माल परिवहन दोनों में ही कमी आई है। यह 1.34 लाख करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले 1.19 लाख करोड़ रुपए पर रहा है। यह 11 फीसद की नकारात्मक वृद्धि है। इसके अलावा रेलवे ने पिछले नौ महीनों में बुनियादी परियोजनाओं पर खर्च पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले फीसद से अधिक बढ़ाया है। इसमें नयी लाइनें बिछाना, देशभर में लाइनों का दोहरीकरण और विद्युतीकरण करना इत्यादि शामिल है।

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