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आम बजट में रेल बजट विलय के लिए नियम-बदलाव को राष्ट्रपति की मंजूरी

रेल बजट को अलग से पेश करने की परंपरा 1924 से शुरू हुई थी।
Author नई दिल्ली | January 20, 2017 17:41 pm
संसद भवन( Express photo)

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रेल बजट को केंद्रीय बजट में मिलाने के लिए सरकारी काम काज के नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी हालिया आदेश के अनुसार आर्थिक मामलों के विभाग को आम बजट (रेल बजट को) तैयार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले तक विभाग रेलवे को छोड़कर अन्य बजट का कामकाज निपटाता था। राष्ट्रपति ने भारत सरकार (कामकाज का आबंटन) नियम, 1961 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब आर्थिक मामलों का विभाग दोनों बजट तैयार करेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल सितंबर में वित्त वर्ष 2017-18 से रेल बजट को आम बजट में मिलाने के लिए कुछ ऐतिहासिक बजटीय सुधारों को मंजूरी दी थी।

रेल बजट को अलग से पेश करने की परंपरा 1924 से शुरू हुई थी। आजादी के बाद भी यह परंपरा चलती रही जबकि अलग रेल बजट की कोई संवैधानिक विवशता नहीं है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल बजट को फरवरी महीने की आखिरी तारीख के बजाय पहले पेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे चुका है। सरकार वित्त वर्ष 2017-18 का आम बजट एक फरवरी को पेश करेगी।

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