ताज़ा खबर
 

बजट 2017: होम लोन पर मिल सकती है ज्यादा टैक्स छूट, कॉरपोरेट कर में भी कटौती की उम्मीद

सरकार इससे पहले भी कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बढ़ावा देती रही है। ज्यादा ब्याज दर होने की वजह से पिछले साल रियल स्टेट सेक्टर में उतनी तेजी नहीं देखने को मिली थी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

Author नई दिल्ली | January 15, 2017 5:14 PM
पिछले साल वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करने के लिए संसद में जाते हुए। (Express Photo: Neeraj Priyadarshi)

मोदी सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद बुरी तरह से प्रभावित रियल स्टेट सेक्टर को फिर पटरी पर लाने के लिए आगामी बजट में अहम घोषणाएं हो सकती है। सरकार इस बार के बजट में होम लोन लेने पर टैक्स में मिलने वाली छूट का दायरा बढ़ा सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक करदाताओं को खुश करने के लिए केंद्रीय बजट में वार्षिक 2 लाख रुपए से ज्यादा ब्याज के भुगतान पर सरकार छूट दे सकती है। सरकार की ओर से कर रियायत का यह फैसला उस समय लिया गया था जब कुछ समय पहले केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती की थी, जिसमें होम लोन भी शामिल था। बैंकों की ओर से यह फैसला नोटबंदी के बाद काफी अधिक मात्रा में पैसे जमा होने के बाद लिया गया है।

हालांकि सरकार अभी टैक्स स्लैब को नए सिरे से बनाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक होम लोन पर वृद्धि की हद से बाहर काम नहीं किया गया था। सरकार इससे पहले भी कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बढ़ावा देती रही है। ज्यादा ब्याज दर होने की वजह से पिछले साल रियल स्टेट सेक्टर में उतनी तेजी नहीं देखने को मिली थी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

कॉरपोरेट कर में भी कटौती: डेलायट

वहीं, डेलायट की ओर से कहा गया है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली वित्त वर्ष 2017-18 के बजट में कॉरपोरेट कर दरों में कटौती कर सकते हैं। माना जा रहा है कि नोटबंदी के दौरान हुई परेशानी के मद्देनजर वित्त मंत्री यह कदम उठा सकते हैं। आम बजट इस बार एक फरवरी को पेश किया जाना है। एक सर्वेक्षण में यह बात कही गई है। डेलायट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी के सर्वेक्षण के अनुसार 53 प्रतिशत लोगों की राय है कि इस बार कॉरपोरेट कर की दरों को कम किया जाएगा। डेलायट ने कहा, ‘‘सरकार ने कालेधन पर अंकुश के लिए जो सख्त कदम उठाए हैं उसके मद्देनजर यह कर दरों को कम करने का उपयुक्त समय है।’’ जेटली ने फरवरी, 2015 में अपने दूसरे बजट भाषण में एक अप्रैल, 2017 से कर प्रोत्साहनों को धीरे-धीरे खत्म करने तथा कॉरपोरेट कर की दर को 30 से घटाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा की थी।

गौरतलब है कि नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाउसिंग लोन पर सब्सिडी देने का जिक्र किया था, लेकिन उस सम उन्होंने यह नहीं बताया था कि सुविधा किस इनकम ग्रुप केलिए होगी। पीएम ने 31 दिसंबर 2016 को देश के नाम संदेश में ऐलान किया था कि शहरी क्षेत्रों में 9 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज में 4% की छूट मिलेगी, जबकि 12 लाख रुपये के होम लोन पर ब्याज में 3% की छूट मिलेगी। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में नया घर बनाने या पुराने घर के विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज में 3% की छूट का ऐलान भी किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा- “बजट को 1 फरवरी को पेश किए जाने से कौन से कानून का उल्लंघन होगा”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App