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त्रिशूल पर कंडोम चढ़ाने वालों, कभी सोचा है इससे क्या हासिल होगा?

धर्म विशेष के प्रतीकों पर हमले का हासिल सांप्रदायिक टकराव के सिवा कुछ नहीं है। फिर भी मुट्ठी भर अराजक लोग समय-समय पर धार्मिक...

“चार साल हो गए, आर्थिक स्‍थिति डगमग, रेप रोज की कहानी, अब तो आवाज उठाइए”

बीजेपी सांसदों को यशवंत सिन्हा का खुला खत: कृपया साहस करें, बोलें और देश एवं लोकतंत्र को बचाएं।

नवयुवकों के सहारे 2020 की राजनीतिक बैतरणी पार करने की कोशिश में नीतीश, नई योजनाओं से जीत रहे भरोसा

इस बार के बजट में युवाओं से जुड़ी कई घोषणाओं ने ऐसी बातों को साबित भी किया है। बिहार में तीन नए सरकारी विश्वविद्यालयों...

कर्नाटक चुनाव: देवगौड़ा 30 दिन बाद बन सकते हैं किंगमेकर? अभी तो ‘करो या मरो’ की स्थिति

राज्य में दलितों की आबादी 20 फीसदी है। देवगौड़ा को उम्मीद है कि देश में मौजूदा एंटी दलित माहौल से उनके गठबंधन को फायदा...

बाखबरः समरथ को नहिं दोष गुसार्इं

बाढ़ में कुत्ता, बिल्ली, सांप, नेवला, शेर सब एक साथ छत पर चढ़ जाते हैं। बाढ़ आ रही है।...

प्रसंगवशः खाप के खिलाफ

जाति और गोत्र से जुड़े सामंती निर्णयों में खाप पंचायतें अकेली नही हैं, राजनीतिक दलों का भी उन्हें समर्थन प्राप्त है। हकीकत यह है...

वक्त की नब्जः दरिंदगी पर चुप्पी

जिस तरह कठुआ गैंगरेप पीड़िता की हत्या के बाद मोदी सरकार के मंत्री पेश आए हैं, उससे तकरीबन साबित हो गया है कि हिंदुत्व...

दूसरी नजरः क्या सरकार संघीय व्यवस्था को चौपट कर देगी?

जैसी कि पिछले हफ्ते मैंने आशंका जताई थी, पंद्रहवें वित्त आयोग के लिए तय किए गए दायरे के कारण लगी आग फैल गई है।...

चौपालः लंबी लड़ाई

पिछले दिनों बलात्कार की दो जघन्य घटनाएं सामने आर्इं। जम्मू-कश्मीर में आठ साल की बच्ची के साथ छह लोगों ने सात दिन तक बलात्कार...

रूस-जर्मन गैस पाइपलाइन पर क्यों बंटे यूरोपीय देश?

फिनलैंड की सीमा पर स्थित रूस के वायबॉर्ग से जर्मनी के ग्राइफ्सवाल्ड को जोड़ने वाली इस पाइपलाइन की मदद से रूस पश्चिम यूरोप को...

कठुआ-उन्‍नाव गैंगरेप: पहले खामोशी में गुम और अब शोर में दबा इंसाफ का मुद्दा, क्‍या आएगी वह एक आवाज?

कुछ तो मन में आए उबाल के चलते और कई औपचारिकता या मजबूरी में भी बोलने लगे। उन्‍हें लगा कि अब नहीं बोले तो...

चौपालः अपराध की राजनीति

आज भारत में राजनीति का अपराधीकरण समाज के सभी घटकों के लिए चिंतनीय विषय हो गया है। यह राजनीतिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता...

कर्नाटक चुनाव हारी तो सूनामी जैसी भयानक हो जाएगी बीजेपी की बगावत!

2014 में जब फिर एंटी करप्शन मुहिम में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की व्यापक जीत हुई और केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनी...

चौपालः दोगली राजनीति

आज दलित भारतीय राजनीति की धुरी बन गए हैं। हर छुटभैये नेता से लेकर बड़े नेताओं तक का दलित प्रेम देखते ही बनता है।...

चौपालः क्या औचित्य

बाबा साहब ने अपने जीवन में कई जन-आंदोलन चलाए। मुख्यत: मंदिरों में दलितों के प्रवेश और सार्वजनिक तालाबों आदि से उनके पानी पीने के...

चौपालः हिंसा का हासिल

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के बाबत सुप्रीम कोर्ट फैसले के विरुद्ध दलित समुदाय ने भारत बंद का आह्वान किया।

चौपालः न्याय का तकाजा

इस बात पर किसी को कोई शक नहीं हो सकता कि देश के विकास में अपने श्रम से सबसे अधिक योगदान देने वाला तबका...

20 फीसदी वोट के लिए दलित आंदोलन हो रहा है लहूलुहान?

जनसंख्या के लिहाज से इस अहम वोट बैंक को कोई भी सियासी दल इतनी आसानी से अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता। यहीं...