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नरेंद्र मोदी जी! हंसना तो देश का हर आदमी चाहता है, पर आपके ये नेता हंसने दें तब ना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से जो कहते हैं और उनकी पार्टी के नेता सबके सामने जो करते हैं उसके बीच हमेशा एक फांक रही है।

Author Updated: January 16, 2017 7:19 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से जो कहते हैं और उनकी पार्टी के नेता सबके सामने जो करते हैं उसके बीच हमेशा एक फांक रही है। पीएम मोदी ने चुनाव से पहले कहा, विदेशों में जमा कालाधन वापस आ गया तो हर किसी के खाते में 15-15 लाख रुपये तक वापस आ सकते हैं तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष ने चुनाव जीतने के बाद कह दिया कि बैंक खातों में 15 लाख रुपये आने की बात चुनावी जुमला थी। पीएम मोदी ने आम चुनाव के प्रचार के दौरान और उसके बाद भी ‘अच्छे दिन’ आने का वादा किया लेकिन उनके मंत्रिमंडल में शामिल नितिन गडकरी ने ‘अच्छे दिन’ को गले में अटकी हड्डी बता दिया।

पीएम मोदी ने शनिवार (14 जनवरी) को तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ के 47वें स्थापना दिवस पर दिए भाषण में सार्वजनिक जीवन में हास्य-व्यंग्य और विनोद की पैरवी करते हुए कहा, “हास्य विनोद तोड़ने के बजाय जोड़ता है और आज हमें इसी की जरूरत है। लोगों के बीच, समुदायों के बीच, समाजों के बीच सेतु बनाना।” आइए एक नजर डालते हैं कि ऐसे पांच बीजेपी नेताओं पर जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में ऐसे बयान दिए जिन्हें समाज को जोड़ने वाला मानना मुश्किल है और उन पर हंसना तो दूर की बात रही। ध्यान रहे पीएम मोदी पर सत्ता में आने के बाद से ही बेलगाम-बड़बोले बीजेपी नेताओं की सार्जवनिक आलोचना करने से बचने के आरोप लगते रहे हैं।

अनिज विज का मोदी ब्रांड- ये महज संयोग ही है कि जब पीएम मोदी हास्य-विनोद की वकालत कर रहे थे तो उस समय मीडिया और सोशल मीडिया में खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडरों पर महात्मा गांधी की जगह पीएम मोदी की तस्वीर के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो रहा था। विवाद में दोनों पक्षों के अपने तर्क-वितर्क के बीच हरियाणा की भाजपा सरकार में मंत्री अनिल विज ने यह कहकर देश को “हंसाने” की कोशिश की कि जब से भारतीय नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर छपने लगे ही तभी से उसका मूल्य गिर रहा है। विज इतने पर ही नहीं रुके उन्होंने पीएम मोदी को महात्मा गांधी से बड़ा “ब्रांड” बता दिया।

साक्षी महाराज की जनसंख्या ग्रंथि- भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सबसे पुरानी और गहरी ग्रंथियों में से एक है जनसंख्या ग्रंथि। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से लगााय भाजपा सांसद साक्षी महाराज के बयानों को देखकर यही लगता है कि है कि बीजेपी और संघ के नेता नियमित तौर पर गिनती करते रहते हैं कि देश में किसको कितने बच्चे पैदा हो रहे हैं। जनसंख्या वृद्धि के बहाने अल्पसंख्यक विरोधी बयान देकर बीजेपी नेता विभिन्न समुदायों के बीच सेतु बनाने का काम करते हैं या तोड़ने का ये तो पीएम मोदी ही बेहतर जानते होंगे।

मनोज तिवारी का नोटबंदी राग- भोजपुरी गायक और अभिनेता से नेता बने मनोज तिवारी को भाजपा ने हाल ही में पार्टी की दिल्ली इकाई का अध्यक्ष बनाया है। लेकिन अध्यक्ष बनने के बाद ही तिवारी अपने “हास्य-विनोद” के लिए खबरों में थे। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के बीच नोटबंदी पर बैंकों-एटीएम के आगे कतार में लगे लोगों का मजाक उड़ाते और हंसते तिवारी एवं अन्य भाजपा नेताओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। तिवारी ने हस्बेमामूल कह दिया कि वीडियो को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया है।

दिलीप घोष की घोषणा- भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा नोटबंदी इत्यादि मुद्दों पर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सार्वजनिक जीवन की तमाम मर्यादाओं को भुला दिया। घोष ने कह दिया कि दिल्ली में उनके बाल पकड़कर घसीटा जा सकता था। ये अलग बता है कि तेज विरोध होने पर घोष ने अपने बयान के लिए खेद जता दिया।

किरण रिजीजू के जूते- पीएम मोदी हास्य-विनोद के साथ ही मीडिया की अभिव्यक्ति की आजादी की सार्वजनिक तौर पर पैरवी करते रहे हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने एक कथित भ्रष्टाचार के मामले से जुड़ी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कह दिया था कि ऐसी खबरें “प्लांट” करने वाले पत्रकार उनके यहां आएंगे तो जूते खाएंगे। इस तरह के बयान पर देशवासी और मीडिया वालों को “हंसी” कैसे आएगी ये तो बस पीएम मोदी ही बता पाएंगे।

वीडियो: खादी ग्राम उद्योग के कैलेंडर में महात्मा गांधी की जगह पीएम मोदी की तस्वीर; केजरीवाल और तुषार गांधी ने किया विरोध

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