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गोवा: मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भाजपा सरकार असंवैधानिक हो न हो, ‘अनैतिक’ जरूर है…

मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार (14 मार्च) को गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उन्हें गुरुवार (16 मार्च) को बहुमत साबित करना है।

Author Updated: March 15, 2017 12:27 PM
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मंगलवार (14 मार्च) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के नेता के तौर पर मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। उन्हें गुरुवार (16 मार्च) को सदन में अपना बहुमत साबित करना है। मंगलवार को जिन आठ मंत्रियों ने पर्रिकर के साथ शपथ ली उनमें से सात भाजपा के नहीं हैं। यानी मनोहर पर्रिकर अगर बहुमत साबित कर भी देते हैं उनके पहले मंत्रिमंडल में करीब 70 प्रतिशत विधायक ऐसे होंगे जो या तो भाजपा को हराकर आए हैं या फिर भाजपा उनकी प्रतिद्वंद्वी भी नहीं थी। जाहिर है कि सत्ताधारी भाजपा को अन्य दलों और निर्दलीयों के मिले समर्थन का असली समीकरण सामने आ गया है। जमीनी आंकड़ों को देखें तो भले ही गोवा में भाजपा सरकार अंवैधानिक ने हो, “अनैतिक” जरूर है।

गोवा विधान सभा की कुल 40 सीटों में से सत्ताधारी भाजपा को महज 13 पर जीत मिली है। भाजपा के हारने वाले उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर भी शामिल हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को इस चुनाव में 17 सीटों पर जीत मिली लेकिन भाजपा ने अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों की सहायता से राज्य में सरकार बनाने का दावा कांग्रेस से पहले पेश कर दिया। राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दे दिया। पर्रिकर ने रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्य के मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ भी ले ली। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि पर्रिकर यथाशीघ्र (16 मार्च) को सदन में अपना बहुमत साबित करें।

राज्य में 27 सीटों पर गैर-भाजपा उम्मीदवरों की जीत से इतना तो साफ है कि जनता ने सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ वोट दिया है। नतीजे आने के बाद भाजपा को समर्थन देने वाले महाराष्ट्रवादी गोमांतक और गोवा फॉरवर्ड पार्टी दोनों ने ही चुनाव प्रचार के दौरान सत्ताधारी दल भाजपा के खिलाफ वोट मांगा था और दोनों को ही तीन-तीन सीटों पर जीत मिली। महाराष्ट्रवादी गोमांतक को जिन तीन सीटों पर जीत मिली है तीनों पर ही उसने भाजपा उम्मीदवार को हराया है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने भी तीनों सीटों पर भाजपा को हराकर ही जीत हासिल की है। तीन में से दो निर्दलीयों ने भाजपा को हराकर विजय हासिल की है और तीसरे ने जहां से जीत हासिल की है वहां भाजपा मुकाबले में ही नहीं थी।

एक सीट नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को मिली है जहां भाजपा मुकाबले में ही नहीं थी। कांग्रेस ने भी जिन 17 सीटों पर जीत हासिल की है उनमें से 13 सीटों पर उसने भाजपा को सीधे तौर पर हराया है। कुंकली सीट पर कांग्रेस विजयी रही और भाजपा तीसरे स्थान पर रही। इन आंकड़ों से साफ है कि करीब दो तिहाई सीटों पर जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए वोट दिया लेकिन हुआ क्या?

राज्य में भाजपा की पांच साल सरकार रही। मनोहर पर्रिकर नवंबर 2014 तक गोवा के मुख्यमंत्री रहे। उसके बाद लक्ष्मीकांत पार्सेकर मुख्यमंत्री बने। चुनाव से भाजपा ने अपना सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया। अरुण जेटली समेत कई भाजपा नेताओं ने खुले आम कहा  कि गोवा की जनता चाहेगी तो मनोहर पर्रिकर फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे लेकिन जनता ने इसके बावजूद भाजपा को बहुमत नहीं दिया। फिर भी भाजपा सरकार भी बन गयी और पर्रिकर मुख्यमंत्री भी बन गए। और जनता, देखती रह गयी।

विधानसभा सीट- विजेता (पार्टी)-मुख्य प्रतिद्वंद्वी (पार्टी)

गैर-कांग्रेस, गैर-भाजपा विजयी उम्मीदवार

1- पेडणे- मनोहर त्रिम्बक आजगांवकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी)-  राजेंद्र आर्लेकर (भाजपा)

2- सावर्डे- दिपक प्रभु पाऊसकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी)- गणेश चंद्रु गांवकर (भाजपा)

3- मडकई- रामकृष्ण उर्फ सुदिन ढवळीकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी)- प्रदीप पुंडलिक शेट (भाजपा)

4- फातोर्डा- विजय सरदेसाय (गोवा फॉरवर्ड पार्टी)-  दामू नाईक (भाजपा)

5- शिवोली- विनोद दाताराम पालयेकर (गोवा फॉरवर्ड पार्टी)- दयानंद रायु मांद्रेकर (भाजपा)

6- सालगाव- जयेश विद्याधर सालगांवकर (गोवा फॉरवर्ड पार्टी)-दिलीप परुलेकर (भाजपा)

7- सांगे- प्रसाद श. गाँवकर (निर्दलीय)- सुभाष फळ देसाई (भाजपा)

8- परवरीं- रोहन खंवटे (निर्दलीय)- गुरुप्रसाद आर पावसकर (भाजपा)

9- प्रिओल- गोविंद गावडे (निर्दलीय)- पांडुरंग उर्फ दीपक माधव ढवलीकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक)

(इस सीट पर तीसरे स्थान पर आप और चौथे स्थान पर कांग्रेस रही। भाजपा मुकाबले में ही नहीं थी।)

10- बाणावली- चर्चिल अलेमाव (एनसीपी)- रोयला क्लेरीना फेर्नाडिस (आप)

(इस सीट पर तीसरे स्थान पर निर्दलीय, चौथे स्थान पर कांग्रेस रही। भाजपा मुकाबले में ही नहीं थी।)

कांग्रेस की सीटें-

1- तालगाव- जेनीफर मोन्सेरात (कांग्रेस)-  दत्तप्रसाद नाईक (भाजपा)
2- थिवी- नीलकंठ रामनाथ हलर्नकर (कांग्रेस)-  किरण मोहन कांडोल्कर (भाजपा)
3- नावेली- लुइजीन फालैरो (कांग्रेस)- आवेरतान फुर्तादो (निर्दलीय),  (तीसरे स्थान पर भी निर्दलीय, चौथे पर गोमांतक, पांचवें पर आप)
4- केपे- चंद्रकांत (बाबू) कवळेकर (कांग्रेस)- प्रकाश शंकर वेलीप (भाजपा)
5- कानकोन- इसीडोर अलेक्सिनहो फ़र्नान्डिस (कांग्रेस)- विजय पाई खोट (भाजपा)
6- नुवे- विल्फ्रेड़ डिसा (कांग्रेस)-  फ्रांसिस्को जेवियर पाचेको (गोवा सु-राज पार्टी) (तीन पर आप, चार पर एनसीपी)
7- मडगाव- दिगंबर वसंत कामत (कांग्रेस)- शर्मद रायतुरकर (भाजपा)
8- मांद्रे- दयानंद रघुनाथ सोपटे (कांग्रेस) – लक्ष्मीकांत पार्सेकर (भाजपा)
9- वेलिम- फिलिप नेरी रोड्रीगिस (कांग्रेस)- बेंजामिन सिल्वा ( निर्दलीय)- (भाजपा के विनय तारी चौथे स्थान पर)
10- वालपई- विश्वजीत प्रतापसिंग राणे (कांग्रेस) – सत्यविजय सुब्राय नाईक (भाजपा)
11- परयें- प्रतापसिंघ र राणे (कांग्रेस)- विश्वजीत कृष्णराव राणे (भाजपा)
12- फोंडा- रवी सिताराम नाईक (कांग्रेस)- सुनील देसाई (भाजपा)
13- कुंकली- क्लाफास डायस (कांग्रेस)- निर्दलीय (भाजपा तीसरे स्थान पर)
14- कुडतरी- आलेक्सो रेजिनालडो लॉरेन्सो (कांग्रेस)- आर्थर डिसिल्वा (भाजपा)
15- सांता क्रूज- आन्तोनिओ कायतानो फेर्नांडीस (कांग्रेस)- हेमंत दीनानाथ गोलतकर (भाजपा)
16- सिरोडा- सुभाष अंकुश शिरोडकर (कांग्रेस)-महादेव नारायण नाईक (भाजपा)
17- सांत आद्रे- फ्रांसिस्को सिल्वेरा (कांग्रेस)- रामराव सुर्या नाईक वाघ (भाजपा)

भाजपा की सीटें-

1- हलदोणे- ग्लॅन सोझा टिकलो
2- कठ्ठाली- आलिना साल्धाना
3- कुडचडे- नीलेश काब्राल
4- सांखली- डॉ. प्रमोद पांडूरंग सावंत
5- वास्‍को-डी-गामा – जूझे लुईस कार्लोस आल्मेदा
6- म्‍हापसा- फ्रांसिस्को सी. जे. आ. दी पिंटो ई सोजा
7- मारमागोवा- मिलिंद सगुण नाईक
8- कुंभारजुवा- पांडुरंग मडकईकर
9- दाभोली- मोविन हेलीओडोरो गुदिन्हो
10- कलंगुट- माइकल विन्सेन्ट लोबो
11- मयें- प्रविण झांटये
12- पणजी- सिद्धार्थ श्रीपाद कुंकलेकर
13- बिचोली- राजेश पाटणेकर

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