ताज़ा खबर
 

जनसत्ता संवाद: दुनिया पर चढ़ने लगा भारत का रंग

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर 15 कैरेबियाई देशों के नेताओं के साथ इंडिया-कैरिकॉम की बैठक में हिस्सा लिया

Author Published on: October 1, 2019 3:22 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सप्ताह व्यापी अमेरिकी दौरे में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और विकास जैसे बड़े मुद्दों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया और दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर अमेरिका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उनकी ताबड़तोड़ द्विपक्षीय वार्ताएं और विदेशी नेताओं से मुलाकातों को कूटनीतिक रूप से अहम माना गया। प्रधानमंत्री मोदी का दौरा व्यस्त और सफल रहा। भारत की कूटनीतिक रणनीति को पैनापन मिला। इसका फायदा देश को आर्थिक और सामरिक दोनों ही क्षेत्रों में मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 17 मुद्दों पर अपनी बात रखने के अलावा अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी ने 42 विदेशी नेताओं से की मुलाकात की, 36 द्विपक्षीय और सात बहुपक्षीय वार्ताएं की। इससे पहले उन्होंने ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’, ‘ग्लोबल बिजनेस फोरम’ संबोधित किया।

कूटनीतिक ताकत और सुरक्षा परिषद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सप्ताह व्यापी अमेरिकी दौरे में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और विकास जैसे बड़े मुद्दों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया और दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराया। उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के अपने फैसले को भी दुनिया के सामने रखा और संयुक्त राष्ट्र महासभा से दुनिया को शांति का संदेश दिया। जानकारों का कहना है कि इससे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की दावेदारी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

आतंकवाद पर कूटनीति

आतंकवाद के मुद्दों पर भारत को प्रमुख देशों का समर्थन मिला और पाकिस्तान को अलग-थलग करने में कूटनीतिक सफलता मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को पालने-पोसने वाले और दोहरा मापदंड अपनाने वाले देशों को दो टूक संदेश दिया। मोदी के साथ लिपक्षीय वार्ता के बाद ट्रंप ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की लाइन का समर्थन किया। भारत के कूटनीतिक जाल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान फंस गए।

अमेरिका में इमरान खान को मानना पड़ा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के भारत के फैसले को ज्यादातर देशों ने समर्थन किया है और पाकिस्तान को किसी भी मंच पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग नहीं मिल पाया है। इमरान खान को ट्रंप से भी निराशा हाथ लगी। कश्मीर मुद्दे पर अपने मित्र देश पाकिस्तान के सुर में सुर मिला रहे तुर्की को कूटनीतिक अंदाज में करारा जवाब दिया गया। प्रधानमंत्री ने तुर्की के लिहाज से बेहद महत्त्वपूर्ण माने जाने वाले देशों- आर्मेनिया और साइप्रस के राष्ट्रपतियों से मुलाकात की।

जलवायु परिवर्तन पर तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूयार्क में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। वहां उन्होंने कहा कि अब धरती की सेहत पर बात नहीं बल्कि काम करने का वक्त आ गया है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मौजूदा खतरे से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से प्राकृतिक आपदा प्रबंधन से जुड़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी को स्वच्छ भारत अभियान के लिए बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से ‘ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार भारत में पचास करोड़ लोगों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार का प्रतीक है। जलवायु परिवर्तन, सिंगल प्लास्टिक यूज के अलावा भारत में चल रहे स्वचछता अभियान, स्वास्थ्य कार्यक्रमों को विश्व स्तर पर सराहा गया।

आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक संकेत

ह्यूस्टन में अमेरिका की 17 बड़ी ऊर्जा कंपनियों के सीईओ से मुलाकात में देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए दीर्घकालीन कारोबारी संबंध का रास्ता तैयार हुआ। ऊर्जा के क्षेत्र में भारत में इसके पहले कभी भी इतनी बड़ी पहल नहीं हुई थी। इससे भारत में तेल-गैस की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि व्यापार संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। भारत को अमेरिका के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने से फायदा है। वह इसका सहारा लेकर तेल बेचने वाले देशों से मोलभाव कर सकता है और अपनी शर्तें मनवा सकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर 15 कैरेबियाई देशों के नेताओं के साथ इंडिया-कैरिकॉम की बैठक में हिस्सा लिया। यह न्यूयार्क में पहला भारत-कैरिबियाई नेता शिखर सम्मेलन था। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने न्यूयॉर्क में बैंकिंग से लेकर रक्षा उद्योगों से जुड़ी 40 बड़ी कंपनियों के प्रमुखों के साथ भारत में निवेश की संभावनाओं पर गोलमेज बैठक किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 जलवायु संकट: बढ़ेगा समुद्र का जलस्तर
2 जनसत्ता संवाद: ड्रोन से बन रहा देश का डिजिटल नक्शा
3 संदर्भः पलायन विकल्प नहीं