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मनु भाकर: निशानेबाजी की नई रानी

स्कूलिंग के दौरान मनु अपने स्कूल, यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल गोरिया में एक छोटी शूटिंग रेंज में ही निशानेबाजी का अभ्यास करती थीं।

Author Published on: November 12, 2019 4:26 AM
मनु अपने दादा रजकरन साहब से काफी प्रेरित थीं जो भारतीय सेना में एक सिपाही होने के साथ एक महान निशानेबाज भी थे।

कहते हैं ‘स्काई इज द लिमिट’ पर भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के लिए ऐसा नहीं है। सत्रह वर्षीय इस युवा निशानेबाज ने हाल ही में दोहा में आयोजित एशियाई चैम्पियनशिप 2019 में महिलाओं की 10 मीटर एअर पिस्टल गेम में स्वर्ण पदक जीता है। भारत का चैम्पियनशिप में यह पहला स्वर्ण पदक है। मनु भाकर ने एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप के फाइनल्स में 244.3 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने अपने आधिकारिक ट्विटर पर इसकी जानकारी दी।

देश की दिग्गज निशानेबाज मनु भाकर पहले ही तोक्यो ओलंपिक-2020 कोटा हासिल कर चुकी हैं। इस युवा खिलाड़ी ने इस साल मई में जर्मनी के म्युनिख में हुए विश्व कप निशानेबाजी टूर्नामेंट में महिलाओं की 10 मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहते हुए तोक्यो ओलंपिक का कोटा हासिल किया है।

18 फरवरी 2002 को झज्जर, हरियाणा में जन्मीं मनु भाकर युवा भारतीय निशानेबाज हैं। चौदह साल की उम्र तक मुन ने विभिन्न खेलों जैसे मणिपुरी मार्शल आर्ट के साथ-साथ मुक्केबाजी, टेनिस और स्केटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए, राष्ट्रीय खेलों के इन प्रतियोगिताओं में कई पदक जोड़े हैं। मनु अपने दादा रजकरन साहब से काफी प्रेरित थीं जो भारतीय सेना में एक सिपाही होने के साथ एक महान निशानेबाज भी थे।

स्कूलिंग के दौरान मनु अपने स्कूल, यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल गोरिया में एक छोटी शूटिंग रेंज में ही निशानेबाजी का अभ्यास करती थीं। लेकिन इस खेल में उन्हें इतना मजा आने लगा कि वे छुट्टियों के दिन भी लगभग दस घंटे निशानेबाजी का अभ्यास करतीं। मनु का यह खेल, खेल से कहीं ज्यादा था। मनु ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता का स्वाद 2017 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में चखा था, इस चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता।

फिर 2017 में केरल में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में, नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इसके बाद मैक्सिको में 2018 में आइएसएसएफ विश्व कप में दो स्वर्ण पदक जीते। वे आइएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय हैं। उन्होंने 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, उस समय वह मात्र 16 वर्ष की थीं।

इसके बाद वे जीतती चली गईं। फरवरी 2019 में उन्होंने दिल्ली में 2019 आइएसएसएफ विश्व कप में 10 मीटर एअर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसी साल मई माह में वे तोक्यो ओलंपिक-2020 कोटा हासिल कर चुकी हैं। निशानेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए मनु ने अपनी पढ़ाई जारी रखी है और इसी साल उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज में दाखिला लिया है।

वे राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई करेंगी। मनु को शूटिंग करिअर की शुरुआत किए अभी ज्यादा समय नहीं हुए है लेकिन आज वह भारतीय शूटिंग का चमकता हुआ सितारा हैं। उन्हें शूटिंग क्वीन कहा जाने लगा है। 2020 में होने वाले ओलंपिक में देश को उनसे काफी उम्मीदें हैं। उनकी जीत ने देश की लड़कियों को प्रेरित किया है।

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