ताज़ा खबर
 

इमरान खान से पूछे पाकिस्‍तान- क्‍या यही है रियासत-ए-मदीना?

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने पाकिस्तान की जनता को सलाह दी है कि वे अपने पीएम से शासन को लेकर 10 सवाल पूछें।

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि पाकिस्तान की जनता को बड़े-बड़े चुनावी वादे कर के आए पीएम इमरान खान से जवाब मांगने चाहिए। (फाइल)

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने चुनाव अभियान के दौरान अपने भाषणों में वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी (पीटीआई) सत्ता में आई तो वह पाकिस्तान में ‘मदीना की रियासत’ की स्थापना करेंगे।उन्‍हें मुल्‍क की कमान संभालेे करीब एक साल हो गया है और उनकी मदीने की रियासत येे है:

(1) इमरान ने कहा कि वह कर्ज लेने के बजाय खुद को गोली मार लेंगे, लेकिन उनकी सरकार ने एक साल में आईएमएफ (International Monetary Fund) से 16 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया है, जो 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के बाद लिए गए कर्ज़ों में खुद एक रिकॉर्ड है।

(2) उन्होंने कहा था कि वह 10 मिलियन (एक करोड़) नौकरियाँ उपलब्ध करवाएंगे, पर वास्तव में बेरोजगारी और छंटनी रिकॉर्ड स्तर पर है। उनके सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान में लाखों नौकरियाँ चली गईं।

(3) उन्होंने कहा कि वह 5 मिलियन ( 50 लाख) घर बनवाएंगे। नए घर बने तो नहीं, कई पुराने घर अलग-अलग कारणों से ढह जरूर गए हैं। मतलब, घर वाले कई लोग भी बेघर हो गए हैं।

(4) उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ, बिजली, ईंधन आदि की कीमतें नीचे जाएंगी, लेकिन इनकी कीमतों ने आसमान छू लिया है।

(5) उन्होंने भ्रष्टाचार को समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन जब उन्होंने संदिग्ध उम्मीदवारों को पीटीआई टिकट दिए, तभी यह ज़ाहिर हो गया था कि वह वादा केवल नौटंकी है। पाकिस्तान में अभी भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार जारी है।

(6) उन्होंने वादा किया था कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन वास्तव में यह तेज़ी से डूब रही है।

एक कारण पाकिस्तान आर्थिक सलाहकार परिषद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री आतिफ मियां का बर्खास्त होना था, और ऐसा सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि वह अहमदी थे। पाकिस्तानी रुपए ने एक साल में अपने मूल्य का 35% खो दिया है।

(7) उन्होंने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का वादा किया, लेकिन उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया का दमन किया।

कई राजनीतिक विरोधी, जैसे नवाज़ शरीफ, राणा सनाउल्ला कैद कर लिए गए।कई ईमानदार और स्वतंत्र पत्रकारों को बर्खास्त या पीड़ित किया गया, और जंग ग्रुप ऑफ़ न्यूज़पेपर के प्रमुख मीर शकीलुर रहमान कई महीनों से जेल में हैं।

(8) उन्होंने चीन को सभी प्रकार की आर्थिक रियायतें दी हैं, जो आज एक साम्राज्यवादी शक्ति हैं, और दुनिया भर में बहुत ही तीव्रता से बाज़ार एवं कच्चे माल की तलाश कर रहा है ।

बलूचिस्तान की विशाल प्राकृतिक सम्पदा,जैसे सोना, तांबा, तेल, गैस आदि चीनियों को सौंप दिए गए हैं , जिससे बलूचियों में गहरी नाराज़गी है, जिसकी आर्म्ड यूनिट ने हाल ही में कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हमला किया।

(9) उन्होंने पूरे पाकिस्तान में अच्छे स्कूल और अस्पताल स्थापित करने का वादा किया था , लेकिन वे कहाँ हैं?

(10) ‘मदीना की रियासत’ से इमरान खान का मतलब शायद कल्याणकारी राज्य था। लेकिन क्या यही वो कल्याणकारी राज्य है जिसका उन्होंने वादा किया था?

इसलिए अब पाकिस्तानियों को इमरान खान (जिन्‍हें यू टर्न खान के नाम से भी जाना जाता है) से ये सवाल पूछने का समय आ गया है: क्या यही मतलब है मदीने की रियासत या ‘नए पाकिस्तान’ का जिसका आपने वादा किया था?

(लेखक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्‍यक्ष हैं।)

Next Stories
1 कानूनी मोर्चे पर भी सचिन पायलट को लगा झटका, इन दो मामलों ने किया रुख साफ
2 संविधान नहीं कहता कि जाति आधारित आरक्षण अनिवार्य है: जस्‍टिस काटजू
3 मस्जिद, मंदिर या चर्च नहीं, अच्‍छे स्‍कूल और वैज्ञानिक संस्‍थान बनाइए
यह पढ़ा क्या?
X