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विधान सभा चुनाव 2017: अरविंद केजरीवाल के दोनों हाथों में है लड्डू, सरकार बने या न बने, जानिए कैसे?

अगर गुजरात में भी आप का प्रदर्शन उम्दा रहता है तो इस साल के आखिर तक केजरीवाल जमीनी स्तर पर यानी लोकतांत्रिक प्रणाली से राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय नेता हो सकते हैं।
Author March 10, 2017 15:34 pm
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (एक्सप्रेस फोटो)

पांच राज्यों में हुए विधान सभा चुनावों के नतीजे कल यानी 11 मार्च को आएंगे। उससे पहले तमाम राजनीतिक दल, टीवी चैनल्स, राजनेता, चुनावी विश्लेषक और समाज का बुद्धिजीवी वर्ग अब एग्जिट पोल के नतीजों पर मंथन कर रहा है। कुछ उसे सही मान रहे हैं तो कुछ उसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। इस बीच भाजपा गदगद है। उसे भरोसा है कि इस बार के चुनावों में भगवा लहर चली है और पहाड़ (उत्तराखंड, मणिपुर) समेत मैदानी इलाकों (उत्तर प्रदेश) और तटीय इलाकों (गोवा) में कमल का खिलना तय है। पार्टी ने आगामी रणनीति बनाने के लिए 11 मार्च को ही शाम में चार बजे संसदीय दल की बैठक बुलाई है। लेकिन भगवा लहर के इस शोर में झाड़ू की चर्चा गुम सी हो गई है। ये अलग बात है कि पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी ने न सिर्फ अकाली-भाजपा गठबंधन को पछाड़ा है बल्कि कांग्रेस को भी कड़ी टक्कर दे रहा है। गोवा में भी आप अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में कामयाब रहा है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो हो सकता है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) न तो पंजाब और न ही गोवा में सरकार बना पाए। बावजूद इसके केजरीवाल के दोनों हाथों में लड्डू होगा क्योंकि पहली बात तो यह कि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और दूसरी उससे भी बड़ी बात कि आप अब राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने की कतार में पहले नंबर पर दिख रही है। आप पहले ही दिल्ली में 67 सीटें जीतकर सरकार में है। वहां आप को विधानसभा चुनाव में कुल 54.3 फीसदी वोट मिले हैं।

विधान सभा चुनाव 2017 के एग्जिट पोल के नतीजे।

तमाम एग्जिट पोल की मानें तो पंजाब में आप को करीब 20 से 33 फीसदी तक वोट मिल सकते हैं। इसके साथ ही वो 50 से 55 सीटों के साथ दूसरे नंबर की पार्टी बन सकती है। कुछ एग्जिट पोल के मुताबिक पंजाब में उसकी सरकार बन रही है। गोवा में भी आप ने दस्तक दी है। एग्जिट पोल्स के मुताबिक वहां इसे 2 से 7 सीट तक मिल सकती है। वोटिंग शेयर में भी आप को करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी मिल सकती है। यानी दिल्ली के बाद आप की अच्छी मौजूदगी पंजाब और गोवा में भी होने जा रही है। इसका मतलब साफ है कि सरकार बने या न बने आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने की मूलभूत योग्यताएं पाने की कतार में सिर्फ एक कदम पीछे है। इस साल के अंत में होने जा रहे गुजरात विधानसभा चुनाव में अगर आप ने अच्छा प्रदर्शन किया तो उसका राष्ट्रीय पार्टी बनना तय है।

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, कोई भी दल तभी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करेगा जब वो लोकसभा चुनाव में तीन राज्यों में कुल कम से कम 11 सीटें जीते और वैध मतों का कम से कम 6 फीसदी वोट प्राप्त किया हो। चूंकि लोकसभा चुनाव अभी दूर है। इसलिए, निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक स्थायी चुनाव चिह्न और बाद में राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए किसी भी दल के लिए चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में कम से कम 6 फीसदी वोट के साथ चार फीसदी या इससे अधिक सदस्यों की जीत की जरूरत होगी। इस पैमाने पर आम आदमी पार्टी एक कदम दूर नजर आती है।

गुजरात में फिलहाल आप भाजपा के लिए नाक का बाल बनती दिख रही है। भाजपा की परंपरागत पटेल मतदाताओं में आप सेंधमारी करती दिख रही है और इसके लिए हार्दिक पटेल केजरीवाल का साथ दे रहे हैं जो पहले ही भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुके हैं। अगर गुजरात में भी आप का प्रदर्शन उम्दा रहता है तो इस साल के आखिर तक केजरीवाल जमीनी स्तर पर यानी लोकतांत्रिक प्रणाली से राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय नेता हो सकते हैं।

वीडियो देखिए- एग्जिट पोल नतीजे 2017: यूपी, उत्तराखंड, मणिपुर में बन सकती है बीजेपी की सरकार, पंजाब में आप-कांग्रेस और गोवा में बीजेपी-कांग्रेस की टक्कर

वीडियो देखिए- राम गोपाल यादव ने एग्जिट पोल के नतीजों को बताया गलत; कहा- "असली नतीजे दबाव में बदले गए"

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