बेबाक बोल

विशेष: पासबां कोई न हो

जगजीवन राम जैसे जुझारू नेता की जमीन को खाली छोड़ दिया गया। सीताराम केसरी का नाम भी किसी की जुबान से नहीं निकलता। कांग्रेस...

हाथरस
कांग्रेस कथा: विपक्षाघात

कांग्रेस से लेकर बसपा तक का उदाहरण है कि सांगठनिक ढांचे को बर्बाद कर चुके राजनीतिक दल अपने हित समूहों को खो देते हैं।...

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राजकाज: कुरेदते हो जो अब राख…

जब आप बिहार में वर्दीवाला राजनेता पर चुप थे तो एक बार उत्तर प्रदेश में देख लीजिए कि आखिर किस तरह मजबूत जाति के...

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कांग्रेस कथा 2: रुकावट के लिए ‘खेत’ है

बीसवीं सदी के अंत के साथ कांग्रेस शिक्षा से लेकर खेती को बाजार के हवाले करने के लिए कई तरह के कानून बनाने की...

बेबाक बोल
कांग्रेस कथा 1: कुकर क्रांति

सत्ता के अहंकार में आसमानी घमंड से झूम रही पार्टी को वही संगठन जमींदोज कर सकता था जो पिछले तीन दशकों से जल, जंगल,...

राजकाज: अर्थशाप

जिस कोरोना को वुहान की देन समझ हम चीन को कोस रहे थे, वित्त मंत्री ने उसे भगवान की देन बता दिया। उस भगवान...

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राजकाज: बर्बरीक बोध

हारने वाले के साथ खड़े रहने की नैतिकता हासिल करने के लिए किसी वरदान की जरूरत नहीं होती। लेकिन नैतिकता तभी ताकत बन पाती...

बेबाक बोलः धर्म की धुंध

किसी भी जटिल समय में खास तरह की पक्षधरता की जरूरत पड़ती है। हर कालखंड उम्मीद करता है कि उसमें बदलाव की लकीर खींचने...

बेबाक बोल: कहां हो कृष्ण

कृष्ण के युद्धनायक वाले शासकीय और राजकीय रूप को आधुनिक सरकारों ने जितना भी भुनाने की कोशिश की हो लेकिन आज भी लोक के...

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राजकाज: धृतराष्ट्र जिंदा है

दुनिया में जहां भी लोकतंत्र के लिए ललक पैदा हुई उसका इतिहास बताता है कि वहां न सिर्फ राजशाही रही बल्कि एक ऐसा राजा...

बेबाक बोलः राम राष्ट्र

अयोध्या में राम मंदिर की बुनियाद रखे जाने के साथ भारतीय राजनीतिक, सांस्कृतिक व सामाजिक इतिहास का एक बड़ा अध्याय निर्णायक मोड़ पर पहुंच...

बेबाक बोलः अमरत्व का अभिशाप

अमरत्व के अमृत पर पूरी दुनिया की सभ्यता अपने हिसाब से मंथन कर मृत्यु से पार पाने की कोशिश करती है। लेकिन महाभारत दुनिया...

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राजकाज: बेबाक बोल-भीमासुर

मानव जीवन के संघर्ष के हर पहलू को उजागर करने के कारण आधुनिक रंगमंच की दुनिया में भी महाभारत के पात्र पहली पसंद रहे...

बेबाक बोलः विदुर वर्ग

प्राचीनकाल से ही दुनिया भर के शासक वर्ग को इस बात का अहसास रहा है कि किसी भी तरह का युद्ध आधा तो मनोवैज्ञानिक...

बेबाक बोलः द्रोणकाल

महाभारत में धर्म की पुनर्स्थापना के लिए जो अधर्म का चरम था वह खुद धर्मराज के अवतार ने किया। गुरु द्रोण का वध वह...

बेबाक बोलः पट्टीव्रता

गांधार प्रदेश की राजकुमारी गांधारी को स्वयंवर का विकल्प नहीं मिलता है। उसके लिए जिस नेत्रहीन राजकुमार से विवाह का प्रस्ताव आता है उसे...

बेबाक बोलः छलनायक

बिना अन्य की निर्मिति किए नायकत्व की परिकल्पना संभव नहीं है। यह अन्य समुदाय, संपत्ति या राजसत्ता के स्वरूप के साथ बदलता है। परिवार...

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‘लोमड़ी और मुर्गी को एक पिंजड़े में रखने का ख्‍वाब है भारत-चीन दोस्‍ती की उम्‍मीद’

सुप्रीम कोर्ट पूर्व जज काटजू के मुताबिक, आज दुनिया के लिए खतरा अमेरिका या यूरोप नहीं बल्कि चीन है, क्योंकि चीन दुनिया में आक्रामक...

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