बेबाक बोल

बेबाक बोलः अमरत्व का अभिशाप

अमरत्व के अमृत पर पूरी दुनिया की सभ्यता अपने हिसाब से मंथन कर मृत्यु से पार पाने की कोशिश करती है। लेकिन महाभारत दुनिया...

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राजकाज: बेबाक बोल-भीमासुर

मानव जीवन के संघर्ष के हर पहलू को उजागर करने के कारण आधुनिक रंगमंच की दुनिया में भी महाभारत के पात्र पहली पसंद रहे...

बेबाक बोलः विदुर वर्ग

प्राचीनकाल से ही दुनिया भर के शासक वर्ग को इस बात का अहसास रहा है कि किसी भी तरह का युद्ध आधा तो मनोवैज्ञानिक...

बेबाक बोलः द्रोणकाल

महाभारत में धर्म की पुनर्स्थापना के लिए जो अधर्म का चरम था वह खुद धर्मराज के अवतार ने किया। गुरु द्रोण का वध वह...

बेबाक बोलः पट्टीव्रता

गांधार प्रदेश की राजकुमारी गांधारी को स्वयंवर का विकल्प नहीं मिलता है। उसके लिए जिस नेत्रहीन राजकुमार से विवाह का प्रस्ताव आता है उसे...

बेबाक बोलः छलनायक

बिना अन्य की निर्मिति किए नायकत्व की परिकल्पना संभव नहीं है। यह अन्य समुदाय, संपत्ति या राजसत्ता के स्वरूप के साथ बदलता है। परिवार...

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‘लोमड़ी और मुर्गी को एक पिंजड़े में रखने का ख्‍वाब है भारत-चीन दोस्‍ती की उम्‍मीद’

सुप्रीम कोर्ट पूर्व जज काटजू के मुताबिक, आज दुनिया के लिए खतरा अमेरिका या यूरोप नहीं बल्कि चीन है, क्योंकि चीन दुनिया में आक्रामक...

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बेबाक बोलः भीष्म संदेश

भीष्म महाभारत के वो नायक हैं जो सबसे ज्यादा अनिर्णय की स्थिति में रहते हैं। वे भी अर्जुन की तरह ‘मैं’ से ग्रसित हैं।...

बेबाक बोलः धर्म-अ-धर्म

महाभारत की महाकाव्यात्मकता समय और क्षेत्र के पार की है। महाभारत का महत्व इसमें नहीं है कि इसने किसी सामाजिक बुराई को खत्म किया...

बेबाक बोलः कुंती कर्म

महाभारत-कथा की जड़ में है वंशबेल और इस वंशावली में अहम कड़ी है स्त्री। महाभारत की स्त्री किरदार भी पुरुषों की तरह ही धूसर...

बेबाक बोलः दुर्योधन का द्वंद्व

पौराणिक आख्यानों के स्याह चरित्रों ने इतिहास और संस्कृति को अपनी तरह से प्रभावित किया है। महाभारत की विशेषता है कि इसमें खलनायक के...

बेबाक बोलः अभि हूं मैं

आज के समय में महाभारत के किरदारों से संवाद करते हुए जब हम अभिमन्यु से टकराते हैं तो उसकी हत्या हमें उद्वेलित करती है।...

बेबाक बोलः नायकार्जुन

अर्जुन महाभारत के आधिकारिक नायक हैं। कृष्ण गीता का उपदेश देने के लिए उन्हें ही चुनते हैं। कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन की मनुष्यता,...

बेबाक बोलः प्रण और रण

महाभारत काल के समाज में कई तरह के प्रयोग हो रहे थे। इन्हीं प्रयोगों का परिणाम है द्रौपदी का असाधारण किरदार। पौरांिंणक आख्यानों में...

बेबाक बोलः कोरोना में कर्ण

आज जो सबसे बड़ा संकट मनुष्यता के सामने खड़ा है वह है पहचान का संकट। इस खंडित दौर में खुद को पहचानने का संकट।...

बेबाक बोलः संक्रमण काल

इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक में कोरोना विषाणु ने दुनिया के नियम बदल दिए। हमारे यहां दंतकथा की तरह सुनाया जाता था कि विदेशों...

बेबाक बोलः कुनैन कथा

कोरोना विषाणु ने जब दवा और दुुआ दोनों को अशक्त साबित कर दिया, धर्म और विज्ञान के पास भी सामाजिक अलगाव के सिवाय कोई...

बेबाक बोलः मरकज-ए-मरघट

‘वो हमें रोकने और अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। वो हमसे कह रहे हैं कि एक जगह इकट्ठा न हों। वो हमें...

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