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बेबाक बोल

बेबाक बोल : नापाक इरादे

दुनिया के बाकी देशों का इतिहास रहा है कि वे कश्मीर मुद्दे को मिल-बैठ कर ही सुलझाने की बात करते रहे हैं।

बेबाक बोलः संकल्प सिद्धि

न कहीं गोली चली न कहीं विस्फोट हुआ और अनुच्छेद 370 को इतिहास बना दिया गया। यह काम वहीं से हुआ जहां से होना...

बेबाक बोल: सदियों की सजा

आम तौर पर पुरुष तलाक तभी देता है जब उसे दूसरा निकाह करना होता है। महज तीन बार तलाक बोल कर वह नई दुनिया...

बेबाक बोल: दलदल

‘जैसे ही मंत्रिमंडल का गठन होगा, लगेगा कि बम धमाका हो गया है’। सदन में बहस के दौरान विश्वास मत में हारे कर्नाटक के...

बेबाक बोल: गुरु हो गए शुरू!

2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से ही कांग्रेस के लिए करो या मरो का नारा दिया जा रहा है। कांग्रेस की इन चुनौतियों...

बेबाक बोल: शर्म उनको मगर…

नवउदारवादी नीतियों के खिलाफ बोल रहे राहुल गांधी आज कांग्रेस की सामंती मानसिकता के मलबे के ढेर पर खड़े हैं। विपक्ष के सूने मैदान...

बेबाक बोल: दुख है कयामत का

भारतीय स्वाधीनता संग्राम ने पूरे विश्व को अहिंसा का मूल्य दिया था, जिस पर चलने का दावा आज तक हमारी लोकतांत्रिक संस्थाएं करती आ...

बेबाक बोल: गिद्ध गाथा

उत्तर प्रदेश का गोरखपुर हो या बिहार का मुजफ्फरपुर, दिमागी बुखार को लेकर गरीब तबके के बच्चों की ही जान जा रही है। इसका...

बेबाक बोल: मुश्किल दौर

प्रशांत कनौजिया का मामला हमारी संस्थाओं की अम्लीय जांच की तरह है। यह हर संस्था की दरारें दिखा रही है। खास राजनीतिक पक्षधरता रखने...

बेबाक बोल: गुबार देखते रहे…

उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनने के बाद विपक्ष मैदान से बाहर था। कुछ प्रेस वार्ता और प्रेस विज्ञप्तियों के...

खुद के खिलाफ

राहुल गांधी को खुद के अंदर के विपक्ष को अनसुना नहीं करना चाहिए। यह वक्त है सड़े हुए ढांचे में विस्फोट कर खुद के...

बेबाक बोल: जो जीता वही नरेंद्र

उम्मीद है कि लोगों के इस अटल विश्वास को मोदी उतनी ही सहृदयता से सहेज कर रखेंगे जैसा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय...

बेबाक बोल: बेदम दिल्ली

ज्यादातर केंद्रों पर मतदाताओं को मतदान के बाद टॉफी और गुलाब के फूल दिए गए। आयोग की तरफ से मतदान केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट...

बेबाक बोल: पानी बीच मीन प्यासी

अब जनता की बात हो रही है तो स्तंभ का समापन भी चुटकुले से। एक गांव का आदमी मुंबई के समुद्र तट पर खड़ा...

विकल्प की व्यथा

2014 में वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार के खिलाफ आम आदमी पार्टी के अगुआ अरविंद केजरीवाल खड़े हुए थे। तब...

बेबाक बोल: दर्द-ए-दिल्ली

मतदातागण कृपया ध्यान दें, आप 2019 में हैं। लेकिन हम बात की शुरुआत गालिब की जुबानी कर हैं। याद करें 2014 का वह समय...

बेबाक बोल- पौरुषतंत्र (पाठ 16)

जया प्रदा और राबड़ी देवी को भी आज यह अपमान इसलिए झेलना पड़ रहा है कि राजनीति में उन दोनों का प्रवेश मर्दवादी समीकरण...

बेबाक बोल: सत्ता का सिनेमा

मथुरा के गांवों में फसल काटतीं हेमा मालिनी हैं तो बेगूसराय में कन्हैया के पक्ष में खड़ीं स्वरा भास्कर। कलाकारों के एक समूह ने...