वित्त वर्ष 2025-26 अब तक ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है। कारों पर संशोधित GST दरें, और भारत-यूके तथा भारत-यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने इंडस्ट्री के भरोसे को मजबूत किया है। अब सभी की निगाहें 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले Union Budget 2026-27 पर टिकी हैं। जनसत्ता ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ऑटोमोबाइल सेक्टर को इस बजट से कई अहम राहतों और घोषणाओं की उम्मीद है।

ईवी यूजर्स के लिए यूनिफाइड ‘सुपर ऐप’ पर अपडेट संभव

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बजट में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) यूजर्स के लिए प्रस्तावित यूनिफाइड सुपर ऐप को लेकर बड़ा अपडेट मिल सकता है।

इस सुपर ऐप के जरिए:

EV चार्जिंग स्लॉट की रियल-टाइम बुकिंग

पेमेंट इंटीग्रेशन

चार्जर की उपलब्धता की जानकारी

PM E-Drive योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर EV चार्जिंग नेटवर्क की प्रगति ट्रैक करने का डैशबोर्ड

जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह कदम EV अपनाने की प्रक्रिया को और आसान बना सकता है।

ईवी स्पेयर पार्ट्स और रिपेयर पर जीएसटी कटौती की उम्मीद

फिलहाल ईवी स्पेयर पार्ट्स और रिपेयर सर्विसेज पर 18% GST लगता है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि:

इस GST दर में कटौती की जा सकती है

इससे EV मेंटेनेंस सस्ता होगा

उपभोक्ताओं का EV की ओर रुझान और बढ़ेगा

पीएलआई स्कीम के विस्तार की संभावना

केंद्रीय बजट 2026-27 में PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम के विस्तार की भी उम्मीद जताई जा रही है।

संभावित रूप से PLI के दायरे में शामिल हो सकते हैं:

बैटरी रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी

EV चार्जिंग उपकरण

ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन

इससे भारत को EV मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने में मदद मिलेगी।

ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को मिल सकती है राहत

ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री के लिए:

टैक्स में छूट

आयात शुल्क में कटौती

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली नीतियां

घोषित की जा सकती हैं, जिससे लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

पिछले बजट (2025-26) में ऑटोमोबाइल सेक्टर को क्या मिला था?

Union Budget 2025-26 में सरकार ने ऑटो सेक्टर के लिए कई अहम कदम उठाए थे:

EV को बढ़ावा

इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए फंड आवंटन

ग्रीन मोबिलिटी पर जोर

स्वच्छ ईंधन और ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा

कार्बन उत्सर्जन कम करने की योजनाएं

मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट

घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए नीतिगत समर्थन

मेक इन इंडिया को मजबूती

इन कदमों का असर 2025-26 में ऑटो सेक्टर की रिकवरी और EV ग्रोथ के रूप में देखा गया।

Jansatta Automobile Expert Conclusion

केंद्रीय बजट 2026-27 में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। ईवी सुपर ऐप, जीएसटी कटौती, पीएलआई स्कीम का विस्तार और घटक निर्माताओं को राहत की घोषणा की गई है, तो भारत का ऑटो उद्योग नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। अब सभी को 1 फरवरी 2026 का इंतजार है, जब यह साफ हो जाएगा कि सरकारी ऑटो सेक्टर के ग्राहकों को कितनी छूट मिलेगी।